मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध के असर का सही अंदाजा लगाना अभी कठिन है, लेकिन इसके नतीजे कोरोना महामारी जैसी स्थिति पैदा कर सकते हैं। पुतिन ने स्पष्ट किया कि यह युद्ध केवल क्षेत्रीय संघर्ष नहीं है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन पर भी बड़ा दबाव डाल रहा है।

युद्ध के असर पर पुतिन का नजरिया
पुतिन ने मॉस्को में बिजनेस लीडर्स से बातचीत के दौरान कहा कि इस संघर्ष के परिणामों का अभी तक अनुमान लगाना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि इस युद्ध में शामिल देश भी भविष्य को लेकर निश्चित नहीं हैं। ऐसे में बाकी दुनिया के लिए परिस्थितियां और अधिक अनिश्चित बन रही हैं। पुतिन ने यह भी कहा कि कुछ आकलनों में इस संकट की तुलना कोरोना महामारी से की जा रही है।

वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन पर असर
रूस के राष्ट्रपति ने बताया कि युद्ध का असर अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स, उत्पादन और सप्लाई नेटवर्क पर दिख रहा है। हाइड्रोकार्बन, धातु और उर्वरक जैसे उद्योगों पर दबाव बढ़ा है, जिससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है। कंपनियों और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

कोरोना जैसी आर्थिक चुनौती?
पुतिन ने चेतावनी दी कि अगर स्थिति सुधार नहीं होती, तो यह संकट कोरोना महामारी जैसा बड़ा आर्थिक झटका दे सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि कोरोना के समय दुनिया की आर्थिक गतिविधियों की गति धीमी पड़ गई थी और हर देश प्रभावित हुआ था। पुतिन ने कहा कि पश्चिम एशिया का यह युद्ध भी वैश्विक विकास को रोक सकता है और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकट उत्पन्न कर सकता है।

आगामी चुनौतियां और समाधान की जरूरत
पुतिन के बयान से संकेत मिलता है कि यदि यह युद्ध लंबा चलता है, तो इसका असर हर देश पर पड़ेगा। उन्होंने कूटनीतिक समाधान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना है कि दुनिया को इस संकट से निपटने के लिए तुरंत कदम उठाने होंगे।