पटना। बिहार पुलिस के मध्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों का आक्रोश रविवार को पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर फूट पड़ा। परीक्षा केंद्रों की दूरी और ट्रेनों के विलंब से नाराज बड़ी संख्या में छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया और स्टेशन परिसर में हंगामे, पथराव तथा तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं।

प्रदर्शन के कारण रेलवे परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को बीच रास्ते में रोकना पड़ा, जबकि कुछ ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया। राजधानी एक्सप्रेस भी प्रभावित ट्रेनों में शामिल रही।

ट्रैक पर उतरे अभ्यर्थी, ठप हुआ रेल संचालन

जानकारी के अनुसार, परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थी ट्रेन लेट होने और परीक्षा केंद्र काफी दूर आवंटित किए जाने से नाराज थे। विरोध जताने के लिए सैकड़ों छात्र रेलवे ट्रैक पर बैठ गए और कुछ अभ्यर्थी ट्रैक पर लेट गए। इससे रेल यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा रद्द करने और व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की। स्थिति लगातार बिगड़ती गई और स्टेशन परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई।

समझाने पहुंचे अधिकारी, बढ़ गया तनाव

घटना की सूचना मिलने पर रेल आईजी जितेंद्र राणा, रेल पुलिस, आरपीएफ और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को समझाकर ट्रैक खाली कराने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। इसी दौरान माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव में रेल आईजी जितेंद्र राणा समेत कई पुलिस अधिकारी और जवान घायल हो गए।

स्टेशन परिसर में तोड़फोड़, पुलिस ने किया बल प्रयोग

हंगामे के दौरान स्टेशन परिसर और रेलवे की संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया गया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके अलावा चेतावनी स्वरूप हवाई फायरिंग और लाठीचार्ज भी किया गया।

मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, रेल आईजी जितेंद्र राणा स्वयं स्थिति को संभालने के लिए पुलिस बल का नेतृत्व करते नजर आए।

भारी पुलिस बल तैनात, स्थिति नियंत्रण में

कई घंटे चले हंगामे के बाद अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया, जिसके बाद हालात पर काबू पाया जा सका। फिलहाल स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और रेलवे प्रशासन प्रभावित ट्रेनों के संचालन को सामान्य करने में जुटा हुआ है।

प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।