चीन ने ईरान को लेकर अमेरिका को सतर्क रहने की सलाह दी है। म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि ईरान की मौजूदा परिस्थितियों का असर पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र पर पड़ रहा है, इसलिए किसी भी तरह की नई टकरावपूर्ण स्थिति से बचना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वॉशिंगटन को तेहरान के साथ अपने संबंधों में संयम और समझदारी दिखानी चाहिए।
वांग यी ने अपने संबोधन में कहा कि मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता बेहद नाजुक स्थिति में है और ऐसे में संवाद ही सबसे प्रभावी रास्ता है। उनका मानना है कि मतभेदों को बढ़ाने के बजाय बातचीत और मध्यस्थता के माध्यम से समाधान खोजा जाना चाहिए। उन्होंने सभी पक्षों से जिम्मेदार रवैया अपनाने की अपील की।
यूरोप की सक्रिय भूमिका जरूरी
चीनी विदेश मंत्री ने यूक्रेन संकट का जिक्र करते हुए कहा कि इस संघर्ष की जड़ों तक पहुंचना आवश्यक है। उनके अनुसार, यूरोप को केवल दर्शक बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि वार्ता प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। चीन यूरोप और रूस के बीच संवाद की पहल का समर्थन करता है, लेकिन यूरोपीय संघ को भी समाधान के लिए ठोस प्रस्ताव सामने रखने चाहिए।
यूक्रेन मुद्दे पर चीन का रुख
वांग यी ने यह भी कहा कि चीन सीधे तौर पर यूक्रेन संघर्ष का पक्षकार नहीं है, लेकिन वह शांतिपूर्ण समाधान का समर्थक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय बीजिंग के हाथ में नहीं है। चीन की नीति साफ है—संवाद, परामर्श और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए ही किसी भी विवाद का हल संभव है। बीजिंग केवल शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की भूमिका निभाना चाहता है।
अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य उपस्थिति मजबूत करने के संकेत दिए हैं। खबरों के मुताबिक, अमेरिका अपना अत्याधुनिक विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड क्षेत्र में तैनात करने की तैयारी में है, जिसके पहुंचने में लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है। इससे पहले भी अमेरिका ने वहां अब्राहम लिंकन सहित अन्य युद्धपोत तैनात कर रखे हैं।