नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के द्वारका स्थित उत्तम नगर इलाके में होली के दिन पानी के गुब्बारे के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें 26 साल के युवक तरुण की जान चली गई। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया।

गुस्साए लोगों ने आरोपी के घर के बाहर खड़ी कार, बाइक और अन्य सामान को आग के हवाले कर दिया। बवाल बढ़ता देख दिल्ली पुलिस ने तुरंत बड़े पैमाने पर बल तैनात किया और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई।

उपायुक्त ने दोनों पक्षों की बैठक बुलाई

जिला उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने घटना के बाद दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ उपायुक्त कार्यालय में बैठक की। इस दौरान पीड़ित पक्ष ने अपनी मांगें रखीं, जिसमें सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे 10-15 लोगों की पहचान और जल्द गिरफ्तारी शामिल है।

पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। हत्या के अलावा आरोपियों पर बच्चों और महिलाओं के साथ की गई बदसलूकी के आधार पर पाक्सो एक्ट और छेड़छाड़ की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित पक्ष ने एससी-एसटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने सभी को शीघ्र कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

उत्तम नगर में जाम और विरोध प्रदर्शन

शाम लगभग पांच बजे घटना के विरोध में लोगों की भीड़ उत्तम नगर मेट्रो पूर्व के पास इकट्ठा होने लगी। सैकड़ों लोग नजफगढ़ मार्ग को ब्लॉक कर जनकपुरी और द्वारका की ओर जाने वाले लेन जाम कर दिया। भारी पुलिस बल के बावजूद भीड़ शांत नहीं हुई। करीब आधे घंटे के बाद लोगों को सड़क से हटाकर उत्तम नगर थाने के सामने लाया गया, जहाँ देर रात तक प्रदर्शन जारी रहा।

विवाद कैसे शुरू हुआ

जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम लगभग चार बजे जेजे कॉलोनी के एक घर की बालकनी से पानी का गुब्बारा नीचे खड़ी एक महिला पर गिर गया। परिवार वालों का कहना है कि उन्होंने तुरंत माफी मांगी, लेकिन महिला ने गालियां दी और अपने समुदाय के कई लोगों को बुला लिया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित के घर में घुसकर तोड़फोड़ की और महिलाओं पर हमला किया।