नेपाल सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए अब हर 15 दिन में वेतन देने का फैसला किया है। 17 अप्रैल को वित्त मंत्री स्तर पर इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिसके बाद संबंधित सरकारी एजेंसियों को आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के उद्देश्य से लिया गया है। माना जा रहा है कि कर्मचारियों को नियमित अंतराल पर भुगतान मिलने से बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा और आर्थिक गतिविधियां भी मजबूत होंगी।

हालांकि, इस नई व्यवस्था को लागू करने की तारीख को लेकर अभी अंतिम स्पष्टता नहीं दी गई है।

महीने में दो बार मिलेगा वेतन

वित्तीय नियंत्रक कार्यालय के प्रवक्ता दीपक लामिछाने ने बताया कि तकनीकी स्तर पर इस प्रणाली को लागू करने में कोई बड़ी बाधा नहीं है। उनके अनुसार, सरकार सिविल सेवकों के साथ-साथ सेना, पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और अन्य सरकारी कर्मचारियों को किसी भी समय वेतन जारी करने में सक्षम है।

कानूनी संशोधन की संभावना

हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए कानूनी बदलाव की जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि वर्तमान सिविल सेवा अधिनियम में मासिक वेतन भुगतान का प्रावधान है। ऐसे में नियमों में संशोधन के बाद ही इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू किया जा सकेगा।