टीसीएस के नासिक यूनिट में सामने आए कथित यौन उत्पीड़न मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पुलिस को कई अहम जानकारियां मिल रही हैं। इस केस में पीड़िता ने अपने सहकर्मियों पर न केवल अभद्र टिप्पणी बल्कि मानसिक प्रताड़ना और निजी जीवन को लेकर आपत्तिजनक व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

सहकर्मियों पर अपमानजनक टिप्पणियों के आरोप

पीड़िता, जो शादी के बाद नासिक स्थित टीसीएस यूनिट में एसोसिएट के रूप में कार्यरत थी, ने पुलिस को बताया कि ऑफिस में कई सहकर्मी उसे “प्लेयर” और “जीरो फिगर” जैसे नामों से बुलाते थे। इसके साथ ही, उस पर धार्मिक भावनाओं से जुड़ी आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के भी आरोप हैं।

पुलिस के अनुसार, यह मामला आधा दर्जन से अधिक महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़ा है, जिन्होंने अपने पुरुष सहकर्मियों पर यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच के दौरान अब तक नौ एफआईआर दर्ज की गई हैं और आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर भी शामिल है।

कंपनी का पक्ष और कार्रवाई

टीसीएस ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कंपनी में उत्पीड़न और किसी भी प्रकार की जबरदस्ती के प्रति “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई जाती है। कंपनी के अनुसार, नासिक यूनिट में जिन कर्मचारियों के खिलाफ आरोप सामने आए हैं, उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।

हालांकि, कंपनी ने यह भी कहा है कि शुरुआती आंतरिक जांच में POSH और एथिक्स चैनलों पर ऐसी किसी शिकायत का रिकॉर्ड नहीं मिला है, जैसा कि आरोपों में कहा जा रहा है।

ट्रेनिंग के दौरान उत्पीड़न के आरोप

पीड़िता ने बताया कि उसकी ट्रेनिंग के दौरान एक सहकर्मी रजा मेनन अक्सर बिना कारण ट्रेनिंग रूम में आता था और निजी जीवन से जुड़े सवाल पूछता था। उसके अनुसार, आरोपी यह कहता था कि उसका पति दूर रहता है और किसी भी जरूरत पर वह मदद के लिए उपलब्ध रहेगा।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसका निकनेम “प्लेयर” रख दिया था और अक्सर उसे इसी नाम से बुलाता था। मार्च में गुड़ी पड़वा के दिन साड़ी पहनकर आने के दौरान पल्लू खींचने जैसी घटना का भी उसने जिक्र किया है।

अन्य टीम में भी उत्पीड़न के आरोप

ट्रेनिंग के बाद जब वह नियमित कार्य में शामिल हुई, तो उसने आरोप लगाया कि दूसरी टीम के एक कर्मचारी आसिफ अंसारी ने उसके साथ अनुचित व्यवहार किया। उसके अनुसार, आरोपी बार-बार उसके पास बैठता, अनुचित तरीके से छूने की कोशिश करता और आपत्तिजनक टिप्पणी करता था।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसे काम में नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम और लिंक्डइन के जरिए भी संपर्क करने की कोशिश की गई।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और जांच

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले को गंभीर बताते हुए टिप्पणी की है कि यह “कॉर्पोरेट जिहाद” की ओर इशारा करता है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और डिजिटल सबूतों की भी पड़ताल की जा रही है।

आरोपियों में से एक रजा मेनन के परिजनों ने इन आरोपों को साजिश करार दिया है। फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और जांच जारी है।