अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और संभावित वार्ता को लेकर चल रही अटकलों के बीच एक अहम कूटनीतिक मुलाकात सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार, 25 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब अमेरिका के साथ बातचीत के दूसरे दौर को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है।
ईरान ने वार्ता से संबंध से किया इनकार
ईरान ने इस मुलाकात को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इसका अमेरिका के साथ चल रही किसी भी परमाणु वार्ता से कोई संबंध नहीं है। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अज़ीज़ी ने कहा कि यह दौरा पूरी तरह द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत के लिए है। विदेश मंत्री अराघची ने भी कहा कि उनकी यह यात्रा सहयोगी देशों के साथ समन्वय और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा के उद्देश्य से है। इसके बाद वह ओमान और रूस की यात्रा पर भी जाएंगे।
ईरानी पक्ष ने दोहराया है कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी बैठक फिलहाल तय नहीं है।
परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख
ईरान ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम किसी भी स्थिति में वार्ता का हिस्सा नहीं होगा। इब्राहिम अज़ीज़ी ने कहा कि यह विषय ईरान के लिए ‘रेड लाइन’ है और इस पर कोई समझौता संभव नहीं है। दूसरी ओर, अमेरिका लगातार यह मांग कर रहा है कि किसी भी शांति समझौते के तहत ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगानी होगी।
अमेरिका की ओर से संभावित गतिविधि
इस बीच व्हाइट हाउस ने जानकारी दी है कि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर भी पाकिस्तान यात्रा पर जा रहे हैं, जहां ईरान मुद्दे पर बातचीत की संभावना जताई जा रही है। साथ ही, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के भी इस प्रतिनिधिमंडल से जुड़ने की संभावना बताई गई है।
ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया कि ईरान की ओर से एक प्रस्ताव मिला है और आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालांकि उन्होंने इस प्रस्ताव से जुड़ी कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। ट्रंप ने इतना ही कहा कि उनकी टीम संबंधित पक्षों के साथ बातचीत में लगी हुई है।