केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिटेन दौरे के दौरान यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल के सदस्यों और कई प्रमुख वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति देने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि संवादात्मक लंच बैठक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), टाटा समूह, एचएसबीसी, प्रूडेंशियल और बेकर मैकेंजी समेत कई वैश्विक संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का फोकस दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने और नए कारोबारी अवसरों की पहचान पर रहा।
निवेश और सहयोग बढ़ाने पर रहा जोर
बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहित करने और साझा आर्थिक विकास के नए रास्ते तलाशने पर चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को और मजबूत बनाने के लिए उद्योग जगत और सरकार के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
उन्होंने उद्योग जगत के नेताओं से पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर नए और कम खोजे गए क्षेत्रों में निवेश एवं विस्तार की संभावनाओं को तलाशने का आग्रह किया। गोयल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत को लेकर भरोसा बढ़ा है और देश के पास इस विश्वास को परिणामों में बदलने का सुनहरा अवसर है।
वैश्विक रेटिंग एजेंसियों पर उठाए सवाल
अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने फिच, मूडीज और एसएंडपी जैसी अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन एजेंसियों ने भारत की आर्थिक क्षमता, मजबूत बुनियादी ढांचे और विकास की संभावनाओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया है।
गोयल का मानना है कि भारत की आर्थिक उपलब्धियां और दीर्घकालिक विकास क्षमता मौजूदा रेटिंग्स से कहीं अधिक मजबूत हैं, जिन्हें वैश्विक स्तर पर बेहतर तरीके से स्वीकार किए जाने की आवश्यकता है।
भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते से नई उम्मीदें
मंत्री ने 15 जुलाई से लागू होने जा रहे भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के लिए नए व्यापारिक अवसर पैदा करेगा और निर्यात, निवेश तथा रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम ला सकता है।
उन्होंने भारतीय उद्योगों से ब्रिटेन में अपनी उपस्थिति बढ़ाने और वहां के बाजार में अधिक हिस्सेदारी हासिल करने का आह्वान किया। उनके अनुसार, ब्रिटेन में भारतीय उत्पादों और सेवाओं के लिए व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
ऊंचे लक्ष्य तय करने की जरूरत
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत को सीमित विकास दर के दायरे से बाहर निकलकर बड़ी आर्थिक महत्वाकांक्षाओं के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि देश केवल सामान्य वृद्धि दर को ही सफलता मानता रहेगा, तो यह उस वैश्विक भरोसे के साथ न्याय नहीं होगा जो आज दुनिया भारत पर जता रही है।