अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान पर हमले किए, जबकि ईरान ने इसका जवाब अपने मिसाइल और ड्रोन हमलों से दिया। इस बीच, लेबनान स्थित उग्रवादी संगठन हिज़बुल्लाह ने भी इस संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी है, खासकर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत की खबर के बाद।

हिज़बुल्लाह के हमले और बेरूत में तबाही
हिज़बुल्लाह ने इज़राइल में कई धमाके किए, जिसके जवाब में इज़राइल ने हिज़बुल्लाह के समर्थन वाले क्षेत्रों पर हवाई हमले किए। विशेष रूप से लेबनान की राजधानी बेरूत के दहियाह क्षेत्र में हमले के कारण हजारों लोग बेघर हो गए। स्कूलों को अस्थायी शरणस्थल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे कई विद्यालयों में कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।

ईरान ने अमेरिकी एयरबेस पर किया हमला
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार सुबह बहरीन के शेख ईसा इलाके में अमेरिकी एयरबेस पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले की जानकारी दी। IRGC ने कहा कि 20 ड्रोन और तीन मिसाइलों के हमले से बेस की मुख्य कमांड और हेडक्वार्टर भवन को नुकसान पहुंचा, साथ ही फ्यूल टैंक में भी आग लग गई। हालांकि, बहरीन की ओर से इस हमले पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव
अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। ईरान ने अब तक सात देशों में अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है। हिज़बुल्लाह के सक्रिय होने के बाद इज़राइल ने भी इस संगठन के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। दोनों पक्षों के बीच लगातार झड़पें और हमले जारी हैं, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती जा रही है।