एअर इंडिया की फ्लाइट AI171 से जुड़ी भीषण विमान दुर्घटना की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामले में तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की मांग भी तेज हो गई है। इसी क्रम में पायलटों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) से बोइंग 787 विमान पर विस्तृत सिम्युलेटर परीक्षण कराने का आग्रह किया है।
संगठन का कहना है कि इस तरह के परीक्षणों से दुर्घटना से पहले विमान में सामने आए विभिन्न तकनीकी संकेतों के बीच संबंध को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा और जांच को अधिक स्पष्ट दिशा मिलेगी।
AAIB से सिम्युलेटर टेस्ट की मांग
FIP ने रविवार को AAIB को भेजे अपने पत्र में कहा है कि बोइंग 787 के सिम्युलेटर पर विस्तृत परीक्षण किए जाएं, ताकि यह जांचा जा सके कि प्रारंभिक रिपोर्ट में दर्ज कुछ तकनीकी आंकड़े वास्तविक परिस्थितियों में कितने सटीक हैं।
संगठन ने यह भी अनुरोध किया है कि इन परीक्षणों के दौरान उनके द्वारा नामित एक पर्यवेक्षक को मौजूद रहने की अनुमति दी जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
FIP ने विशेष रूप से यह जानने की मांग की है कि विमान की गति में बदलाव, रैम एयर टरबाइन (RAT) के सक्रिय होने, हाइड्रोलिक पावर की उपलब्धता और फ्यूल कंट्रोल स्विच में हुए बदलावों के बीच क्या तकनीकी संबंध था।
RAT सिस्टम पर अलग से जांच की जरूरत
पायलट संघ का कहना है कि RAT (Ram Air Turbine) के सक्रिय होने को लेकर स्वतंत्र तकनीकी विश्लेषण जरूरी है। यह एक आपातकालीन प्रणाली होती है, जो इंजन या मुख्य बिजली प्रणाली फेल होने पर स्वतः सक्रिय होकर आवश्यक बिजली और हाइड्रोलिक सपोर्ट प्रदान करती है।
FIP ने कहा कि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि क्या RAT का सक्रिय होना सीधे ईंधन प्रणाली में बदलाव से जुड़ा था या इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी कारण था।
फ्लाइट डेटा और रिकॉर्डिंग सिस्टम पर सवाल
संगठन ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि हादसे से जुड़े कई अहम संकेतों को एक साथ जोड़कर देखने की जरूरत है।
इसमें शामिल हैं—
- एकमात्र जीवित यात्री द्वारा तेज धमाके और रोशनी मंद होने का दावा
- ACARS सिस्टम में दर्ज तकनीकी संदेश
- प्रारंभिक रिपोर्ट में दर्ज एन्हांस्ड एयरबोर्न फ्लाइट रिकॉर्डर (EAFR) से जुड़ी क्षति
FIP का कहना है कि इन सभी बिंदुओं को विमान के डिजिटल फ्लाइट डेटा के साथ जोड़कर विश्लेषण किया जाए, ताकि घटनाओं का सही क्रम सामने आ सके और किसी संभावित इलेक्ट्रिकल या सॉफ्टवेयर फेल्योर की भूमिका स्पष्ट हो सके।
गौरतलब है कि एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान VT-ANB, 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
इस हादसे में विमान में सवार 242 में से 241 यात्रियों और क्रू सदस्यों की मौत हो गई थी। वहीं, जमीन पर मौजूद 19 लोगों की भी जान गई थी। इस दुर्घटना में केवल एक यात्री जीवित बचा था।
AAIB ने 12 जुलाई 2025 को प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी और अब अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। FIP ने मांग की है कि सिम्युलेटर परीक्षणों से प्राप्त निष्कर्षों को अंतिम रिपोर्ट का हिस्सा बनाया जाए, ताकि जांच अधिक व्यापक और वैज्ञानिक हो सके।