तेहरान। ईरान से बड़ी खबर सामने आई है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुख्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी को एक भयानक हमले में मार दिया गया। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह हमला अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त साजिश का हिस्सा था।

ईरान को झटका

अली मोहम्मद नैनी की मौत के झटके से देश अभी उबर भी नहीं पाया था कि ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब की भी एक अलग हमले में मौत हो गई। ईरान के सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने खतीब की मौत पर शोक व्यक्त किया।

जानकारी के मुताबिक, ब्रिगेडियर नैनी को निशाना बनाकर अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। नैनी केवल IRGC के प्रवक्ता नहीं थे, बल्कि ईरान के मनोवैज्ञानिक युद्ध के मास्टरमाइंड के रूप में भी जाने जाते थे।

ईरान की आंतरिक सुरक्षा पर सवाल

खतीब की मौत ने ईरान की आंतरिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खतीब देश के भीतर और बाहर जासूसी नेटवर्क को मजबूत करने के जिम्मेदार थे। विशेषज्ञों का मानना है कि सैन्य प्रवक्ता और खुफिया प्रमुख का एक साथ मारा जाना इस बात का संकेत है कि हमलावरों को ईरान की सुरक्षा व्यवस्था की सटीक जानकारी थी।

पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

इन हाई-प्रोफाइल मौतों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। तेहरान में बदले की मांग तेज हो गई है। सर्वोच्च नेता खामेनेई का शोक संदेश न केवल दुख प्रकट करता है, बल्कि ईरान के भविष्य में सख्त रुख की भी झलक देता है।

अमेरिका और इज़राइल ने फिलहाल इन हमलों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन ईरान ने सीधे तौर पर इन दोनों देशों को जिम्मेदार ठहराया है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि कासिम सुलेमानी की मौत के बाद यह ईरान के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा संकट है।