बगदाद। इराक में नाटो मिशन ने सुरक्षा जोखिमों के चलते अपने कर्मियों को अस्थायी रूप से वापस बुलाना शुरू कर दिया है। इराकी न्यूज एजेंसी (INA) ने एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि यह कदम मिशन के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में जारी संघर्ष को देखते हुए उठाया गया है। अधिकारी ने कहा कि जैसे ही इराक में सुरक्षा स्थिति सामान्य होगी और युद्ध की घटनाएं समाप्त होंगी, नाटो सैनिक फिर से अपने मिशन में लौट आएंगे।

गैर-लड़ाकू मिशन का उद्देश्य
इराक में नाटो का यह मिशन 2018 में इराकी सरकार के अनुरोध पर शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य इराकी सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण देना और आतंकवाद के खिलाफ उनकी क्षमता बढ़ाना है। हालांकि, नाटो के सदस्य इस मिशन के दौरान लड़ाकू अभियानों में शामिल नहीं होते। मिशन मुख्य रूप से सलाहकारी और प्रशिक्षण पर केंद्रित है।

अमेरिकी कमांडर ने जताया आभार
यूरोप में नाटो बलों के कमांडर, अमेरिकी वायु सेना के जनरल एलेक्सस ग्रिनकेविच ने नाटो सैनिकों की इराक में सेवा की सराहना की। उन्होंने कहा, "मैं नाटो मिशन के समर्पित पुरुषों और महिलाओं का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में अपना मिशन जारी रखा। वे वास्तव में पेशेवर हैं।"

विशेषज्ञों के अनुसार यह अस्थायी वापसी 28 फरवरी को ईरान और अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच हुई है। इसके जवाब में ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों ने मध्य पूर्व में अमेरिकी और इज़राइली हितों पर कई हमले किए थे।