इस्लामाबाद/वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान को दी गई समय सीमा बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने कूटनीतिक समाधान को आगे बढ़ाने के लिए दो सप्ताह के युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है।
मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए जारी अपने संदेश में शरीफ ने कहा कि क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए चल रही कूटनीतिक कोशिशें सकारात्मक दिशा में बढ़ रही हैं और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए समय की जरूरत है। उन्होंने ट्रंप से आग्रह किया कि ईरान को दी गई डेडलाइन को कम से कम दो हफ्तों के लिए बढ़ाया जाए, ताकि बातचीत के जरिए समाधान तलाशा जा सके।
साथ ही, शरीफ ने ईरान से भी अपील की कि वह सद्भावना के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को अस्थायी रूप से खोल दे। उनका कहना है कि इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव को कम किया जा सकेगा और तनाव में भी कमी आएगी।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने समय सीमा के भीतर समझौता नहीं किया और जलडमरूमध्य नहीं खोला, तो उसके बुनियादी ढांचे पर हमले तेज किए जाएंगे।
शरीफ ने जोर देकर कहा कि प्रस्तावित युद्धविराम से क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में अहम कदम उठाया जा सकता है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि वे इस दौरान संयम बरतें और संघर्ष को और बढ़ने से रोकें।
गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम मार्ग है। यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर तुरंत पड़ता है। हाल के तनाव के चलते इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
पाकिस्तान इस पूरे घटनाक्रम में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है और तेहरान व वॉशिंगटन के बीच संवाद बहाल कराने के प्रयास कर रहा है, ताकि क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष को रोका जा सके।