पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच Donald Trump ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि Iran अब समझौते के लिए मजबूर हो चुका है। ट्रंप ने अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर कहा कि वह इसे “युद्ध” नहीं मानते, जबकि उनके अनुसार ईरान की नौसेना, वायु सेना और अधिकांश सैन्य संसाधन बुरी तरह प्रभावित हो चुके हैं।

ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान की ड्रोन उत्पादन क्षमता लगभग 82 प्रतिशत तक ठप हो गई है। उनका दावा है कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म कर दिया है, जिससे वह परमाणु हथियार बनाने में असफल रहा। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में ईरान समझौते के लिए तैयार दिख रहा है।

ईरान के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने आरोप लगाया कि वहां की सरकार ने हजारों लोगों की जान ली है। उन्होंने कहा कि यह एक कठोर शासन है, लेकिन अमेरिका किसी न किसी रूप में उस देश को बचाने की कोशिश कर रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की अर्थव्यवस्था गंभीर रूप से कमजोर हो चुकी है और आगे उसकी स्थिति क्या होगी, यह देखने वाली बात होगी।

भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों पर भी ट्रंप ने फिर से पुराना दावा दोहराया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय विवाद सुलझाए हैं और भारत-पाकिस्तान के मामले में भी तनाव कम कराने में उनकी भूमिका रही। उनके मुताबिक, इस हस्तक्षेप से बड़ी संख्या में लोगों की जान बची।

इसी दौरान ट्रंप ने एक और विवादित कदम का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदलकर अपने नाम पर रखने का फैसला किया है। उनके इस कदम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।