काबुल। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा तनाव नए उच्च स्तर पर पहुंच गया है। पाकिस्तान ने गुरुवार रात 27 फरवरी 2026 को ऑपरेशन ‘गजब लिल हक’ के तहत अफगानिस्तान में तालिबान के कई रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए। पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा है कि इस कार्रवाई में दर्जनों तालिबानी लड़ाके मारे गए हैं।

पाकिस्तान ने इस ऑपरेशन को उन हमलों के जवाब में अंजाम दिया, जिसमें तालिबान ने सीमा पार करते हुए दावा किया था कि 55 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और कुछ चौकियों पर कब्जा किया गया। पाकिस्तान ने इसे "बिना उकसावे की आक्रामकता" बताते हुए जवाबी कार्रवाई की।

पाकिस्तानी दावे के अनुसार मुख्य नुकसान

  • काबुल में दो ब्रिगेड मुख्यालय पूरी तरह नष्ट।

  • कंधार में एक कोर मुख्यालय, एक ब्रिगेड मुख्यालय, गोला-बारूद डिपो और लॉजिस्टिक्स बेस तहस-नहस।

  • पक्तिया प्रांत में एक कोर मुख्यालय नष्ट।

  • कुल: 133 तालिबानी मारे गए, 200+ घायल।

  • 27 पोस्ट/चेकपोस्ट नष्ट, 9 पर कब्जा।

  • 2 कोर हेडक्वार्टर, 3 ब्रिगेड हेडक्वार्टर, 3 बटालियन हेडक्वार्टर, 2 सेक्टर हेडक्वार्टर नष्ट।

  • 80 से अधिक टैंक, आर्टिलरी और APC तबाह।

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर कहा कि हमले "सटीक और प्रभावी" थे और इनका मकसद तालिबान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था। राज्य मीडिया पीटीवी ने भी लाइव अपडेट्स में कई उच्च मूल्य वाले लक्ष्य निशाना बने होने की पुष्टि की।

तालिबान की प्रतिक्रिया

तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इन हमलों को "कायरतापूर्ण" करार देते हुए काबुल, कंधार और पक्तिया में हवाई हमलों की पुष्टि की। उन्होंने दावा किया कि उन्हें कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और जवाबी कार्रवाई शुरू हो चुकी है। अफगान अधिकारियों ने इन हमलों को "सतत आक्रामकता" के रूप में देखा।

तालिबान के अनुसार, हाल ही में उनकी सेनाओं ने सीमा पर अभियान चलाकर 19 पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा किया और 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी हवाई हमले किए हैं।