झालावाड़: झालरापाटन के प्राइवेट बस स्टैंड पर गुरुवार शाम एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां लगभग 2 साल का कुपोषित बच्चा उसके परिजनों द्वारा बस में छोड़कर फरार हो गया। करीब एक घंटे तक बस स्टैंड पर पूछताछ करने के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला, तब पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद बच्चे को झालावाड़ के जनाना अस्पताल के कुपोषित वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

बस में अकेला रोता मिला बच्चा

जानकारी के अनुसार अज्ञात परिजन बच्चे को गुरुवार शाम लगभग 5 बजे बस की एक सीट पर छोड़कर चले गए। जब बस कंडक्टर टिकट वसूलने पहुंचे, तो उन्हें बच्चा रोते हुए सीट पर मिला। ड्राइवर राजेश बैरागी और कंडक्टर बने सिंह ने अपनी ओर से परिजनों की तलाश की, लेकिन करीब एक घंटे तक कोई नहीं आया।

पुलिस और बाल कल्याण समिति ने उठाए कदम

इसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर बस लेकर झालरापाटन थाना पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी। पुलिस ने बाल कल्याण समिति को सूचित किया। बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे तुरंत झालावाड़ के जनाना अस्पताल ले जाया गया और डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में भर्ती किया।

बच्चे की स्थिति स्थिर, जांच जारी

शिशु रोग विशेषज्ञों के अनुसार बच्चे की हालत फिलहाल स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। प्रारंभिक जांच में बच्चे में गंभीर कुपोषण और मानसिक कमजोरी के लक्षण पाए गए हैं। विस्तृत जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। झालरापाटन थाना प्रभारी अलका बिश्नोई ने बताया कि पुलिस बस स्टैंड के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि बच्चे के परिजनों का पता लगाया जा सके।

बाल कल्याण समिति की समीक्षा

बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष शिवराज सिंह हाड़ा ने बताया कि पहले बच्चे के इलाज को प्राथमिकता दी गई है। शुक्रवार को अस्पताल जाकर बच्चे की स्थिति की समीक्षा की जाएगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। जिले में पहले भी नवजात और छोटे बच्चों को लावारिस हालत में छोड़े जाने के मामले सामने आए हैं, लेकिन कई मामलों में परिजनों का पता नहीं चल पाया।