नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई हिस्सों में शुक्रवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। लोगों में डर और चिंता की स्थिति पैदा हो गई और कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। झटके पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में भी महसूस किए गए।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 5.9 रिक्टर स्केल मापी गई। जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों ने बताया कि भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदुकुश क्षेत्र में था और यह जमीन से लगभग 150 किलोमीटर गहराई में था।
भूकंप के झटके भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान में महसूस किए गए। गाजियाबाद के एक निवासी ने कहा, "भूकंप के समय बारिश हो रही थी। यह कोई बहुत बड़ा झटका नहीं था, लेकिन स्थिति का जायजा लेने के लिए मैं बाहर आया।"
भूकंप क्यों आता है?
पृथ्वी की सतह के नीचे 7 मुख्य प्लेट्स लगातार हिलती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स टकराती हैं, वहां फॉल्ट लाइन बनती है। टकराव के कारण प्लेट्स के किनारे मुड़ जाते हैं और जब दबाव अधिक बढ़ता है, तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। इस ऊर्जा का बाहर निकलना ही भूकंप के झटकों का कारण बनता है।
भूकंप का केंद्र और तीव्रता क्या होती है?
भूकंप का केंद्र (एपीसेंटर) वह स्थान होता है जहां से प्लेटों की हलचल शुरू होती है। केंद्र के पास कंपन अधिक महसूस होता है और दूरी बढ़ने पर इसका असर कम होता जाता है। आम तौर पर रिक्टर स्केल पर 7 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंप के झटके 40 किमी के दायरे में ज्यादा महसूस होते हैं।
भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल से मापी जाती है। यह पैमाना 1 से 9 तक का होता है और इससे भूकंप के झटकों की शक्ति और भयावहता का अंदाजा लगाया जाता है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी झटके
शुक्रवार रात पाकिस्तान में 6.3 रिक्टर स्केल का भूकंप आया, जिसका केंद्र अफगानिस्तान के हिंदुकुश क्षेत्र में था। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान के किसी हिस्से में अब तक जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग के राष्ट्रीय भूकंपीय निगरानी केंद्र (एनएसएमसी) ने भूकंप का समय रात 9:13 बजे दर्ज किया।