रांची में राज्यसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ महागठबंधन के भीतर रणनीतिक हलचल तेज हो गई है। आगामी चुनाव में गठबंधन की एकजुटता को मजबूत करने की दिशा में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के बीच लगातार संवाद बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री से कांग्रेस नेताओं की अहम मुलाकात

शुक्रवार को कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू, तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके आवास पर मुलाकात की। इस बैठक में राज्यसभा चुनाव को मिलकर लड़ने और सीटों के बंटवारे पर विस्तार से चर्चा हुई।

कांग्रेस नेताओं ने एक सीट पर अपनी दावेदारी भी पेश की और तर्क दिया कि यदि गठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़े तो दोनों सीटों पर जीत संभव है।

मुख्यमंत्री ने लिया विचार का समय

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी सहयोगी दलों से चर्चा के बाद दो दिनों के भीतर निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के हित को ध्यान में रखते हुए ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।

बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिया कि अंतिम रणनीति पर फैसला नई दिल्ली स्तर पर भी लिया जा सकता है और इसमें मुख्यमंत्री की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

सीटों को लेकर बढ़ी राजनीतिक खींचतान

झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव होना है। फिलहाल झामुमो दोनों सीटों पर दावा कर रहा है, हालांकि राजनीतिक समीकरणों के अनुसार एक सीट पर उसकी स्थिति मजबूत मानी जा रही है, जबकि दूसरी सीट पर जीत के लिए उसे सहयोगी दलों के समर्थन की आवश्यकता होगी।

दूसरी ओर, कांग्रेस भी अब एक सीट पर अपनी मजबूत दावेदारी जता रही है। ऐसे में जीत का समीकरण पूरी तरह गठबंधन की एकजुट रणनीति पर निर्भर करता दिखाई दे रहा है।

दिल्ली में हो सकता है अंतिम फैसला

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय जल्द ही दिल्ली में पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जा सकता है। संभावना है कि दोनों वरिष्ठ नेता शनिवार को दिल्ली लौटकर आलाकमान को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।

कांग्रेस नेता के. राजू ने कहा कि मुख्यमंत्री से हुई बातचीत का मुख्य उद्देश्य भाजपा को राज्यसभा चुनाव में हराना और गठबंधन की जीत सुनिश्चित करना है।