मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिका ने अपनी सबसे शक्तिशाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल, मिनटमैन-III डूम्सडे मिसाइल, का परीक्षण किया है। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से लॉन्च की गई।
परीक्षण और मिसाइल की क्षमता
रिपोर्ट्स के अनुसार, वैंडेनबर्ग बेस से रात करीब 11 बजे इस बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया गया। यह मिसाइल हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से लगभग 20 गुना अधिक शक्तिशाली हथियार ले जाने में सक्षम है। परीक्षण किए गए मॉडल का नाम GT-255 रखा गया है, जिसमें दो टेस्ट री-एंट्री व्हीकल लगाए गए थे।
वैश्विक हलचल और अमेरिका का बयान
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच इस परीक्षण ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। हालांकि, अमेरिकी वायु सेना के ग्लोबल स्ट्राइक कमांड ने इसे “नियमित और पूर्वनिर्धारित परीक्षण” बताया और कहा कि यह वैश्विक घटनाओं से सीधे संबंधित नहीं है। बयान में कहा गया,
"यह दशकों से चल रहे डेटा-आधारित कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसमें हथियार प्रणाली के प्रदर्शन को प्रमाणित करने के लिए 300 से अधिक परीक्षण शामिल हैं। इन परीक्षणों से एकत्रित जानकारी भविष्य के सैन्य विकास के लिए महत्वपूर्ण है।"
परीक्षण का उद्देश्य
यूएस स्पेस फोर्स ने बताया कि GT-254 के रूप में जाना जाने वाला यह मिनटमैन-III परीक्षण तत्परता और सटीकता को जांचने के लिए किया गया। मिसाइल पश्चिम-मध्य प्रशांत महासागर के पास मार्शल द्वीप के टार्गेट पर जाकर गिरा। यह परीक्षण यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया कि अमेरिका की भूमि-आधारित परमाणु मिसाइल प्रणाली विश्वसनीय और तैयार है।
मिनटमैन III: प्रलयकारी क्षमता
मिनटमैन-III को प्रलयकारी मिसाइल माना जाता है। यह एक सिंगल मार्क-21 हाई-फिडेलिटी री-एंट्री व्हीकल से लैस है और अमेरिका की एकमात्र साइलो-आधारित, भूमि-स्थिर परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल है। यह तीन स्वतंत्र युद्धक एक साथ ले जा सकती है, जो अलग-अलग दिशाओं में उड़ सकते हैं। एक बार दागे जाने पर इसके विकिरण के व्यापक प्रसार के कारण लक्ष्य क्षेत्र अत्यधिक असुरक्षित और रहना मुश्किल हो सकता है।