पश्चिम बंगाल सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी अन्नपूर्णा योजना के तहत महिलाओं को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को घोषणा की कि इस योजना के तहत पहली किस्त का वितरण 3 जून से शुरू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत पात्र महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 3,000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री का बयान

कोलकाता में स्वास्थ्य विभाग के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभार्थियों को किसी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार की ओर से अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर महिलाओं की सहायता करें और आवेदन प्रक्रिया को पूरा करवाएं, ताकि सही पात्र लोगों को योजना का लाभ मिल सके।

आवेदन प्रक्रिया पर विवाद

अन्नपूर्णा योजना के लिए 12 पन्नों का विस्तृत आवेदन फॉर्म जारी किया गया है, जिसमें परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी अनिवार्य रूप से मांगी गई है। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जटिल दस्तावेजी प्रक्रिया के कारण कई वास्तविक लाभार्थी योजना से वंचित रह सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने उठाई पारदर्शिता की बात

इन आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार योजना को पूरी पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन के साथ लागू करना चाहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि महिलाओं के लिए निर्धारित लाभ किसी अपात्र व्यक्ति या पुरुष के खाते में न जाए।

उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले भी ऐसे मामलों में कार्रवाई की गई है, जहां महिलाओं के नाम पर मिलने वाले लाभ को पुरुषों द्वारा लिया जा रहा था और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

अन्य घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने आगे घोषणा की कि 1 जून से राज्य परिवहन निगम की बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य का आगामी बजट 22 जून को पेश किया जाएगा, जिसमें जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल होंगे।