पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के दौरान विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि मतदान प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता या ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन बूथों पर गड़बड़ी की पुष्टि होगी, वहां चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार दोबारा मतदान कराया जाएगा।

इस बीच चुनावी माहौल में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद ममता ठाकुर ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल में चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें एक मामले में गलत तरीके से फंसाया गया और केंद्रीय सुरक्षा बलों पर भी कुछ नेताओं को धमकाने के आरोप लगाए। टीएमसी नेता ने इसे अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि जनता ही इसका जवाब देगी।

वहीं, चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार दोपहर तीन बजे तक राज्य में करीब 79 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है, जो इस चरण में काफी अधिक माना जा रहा है।

इधर, राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से जब भवानीपुर सीट पर संभावित परिणाम को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जीत का अंतर शाम 6 बजे के बाद ही बताया जा सकता है।

भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने दावा किया कि इस बार मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हो रहा है और मतदान प्रतिशत भी पहले चरण से अधिक रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जनता इस बार खुलकर मतदान कर रही है और भाजपा सरकार बनाने की स्थिति में है।

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि बंगाल में पूरी तरह शांतिपूर्ण चुनाव कराना हमेशा चुनौती रहा है, लेकिन इस बार केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण लोग बिना डर के मतदान कर रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग वोट डालने पहुंच रहे हैं।