बिहार-बक्सर मार्ग पर बुधवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। चंडिका देवी मंदिर से मुंडन संस्कार संपन्न कर लौट रहे एक परिवार की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब तेज रफ्तार डंपर ने बोलेरो को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, पठई गांव की रहने वाली मालती अपने 3 वर्षीय बेटे शुभ उर्फ सूरज का मुंडन संस्कार कराने के लिए परिजनों के साथ बक्सर स्थित चंडिका मंदिर गई थीं। मंदिर में पूरी रस्में ढोल-नगाड़ों और खुशी के माहौल के बीच संपन्न हुईं। परिवार खुशी-खुशी बोलेरो से वापस लौट रहा था और घर पर दावत की तैयारियां चल रही थीं।

लेकिन कीरतपुर गांव के पास बिहार-बक्सर मार्ग पर जैसे ही वाहन पहुंचा, सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने बोलेरो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और बोलेरो डंपर के नीचे फंसकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग जब मदद के लिए पहुंचे तो मंजर देखकर दहल उठे। बोलेरो के अंदर कई लोग गंभीर रूप से घायल अवस्था में फंसे हुए थे। सबसे दर्दनाक दृश्य वह था जब छोटा शुभ अपनी घायल मां मालती की गोद में खून से लथपथ मिला।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद वाहन मलबे में तब्दील हो गया और चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने किसी तरह राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल लोगों को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है।

हादसे की खबर मिलते ही पठई गांव में मातम पसर गया। जिस घर में मुंडन की दावत की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब सन्नाटा और शोक का माहौल है। परिजन जब अस्पताल पहुंचे तो शवों को देखकर उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी चालक की तलाश जारी है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

इधर, प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए हैं, जबकि पूरे मामले की जांच तेज कर दी गई है।