तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा देने के बाद अपनी नई राजनीतिक पार्टी शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत है, जो आगे चलकर एक औपचारिक पार्टी का रूप लेगा।
‘नई राजनीतिक यात्रा की शुरुआत’ – अन्नामलाई
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए संदेश में अन्नामलाई ने कहा कि वह एक नए रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं, जहां से एक नया आंदोलन और नई राजनीतिक सोच की शुरुआत हो रही है। उन्होंने अपने समर्थकों और जनता को इस नई यात्रा का हिस्सा बनने का आह्वान किया।
राजनीतिक लक्ष्य पहले से ज्यादा व्यापक
अन्नामलाई ने अपने राजनीतिक विजन को लेकर कहा कि उनके उद्देश्य अब पहले से कहीं अधिक व्यापक हो चुके हैं। उनका मानना है कि राजनीति का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को साथ लेकर समाज और राज्य के विकास की दिशा में आगे बढ़ना होना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा में रहते हुए उन्होंने तमिलनाडु की पहचान, संस्कृति और जल संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर कभी समझौता नहीं किया।
इस्तीफे को बताया सोच-समझकर लिया गया निर्णय
भाजपा छोड़ने के फैसले पर उन्होंने कहा कि यह कदम उन्होंने पूरी गरिमा और सम्मान के साथ उठाया है, ताकि तमिलनाडु में एक नई राजनीतिक दिशा तय की जा सके। अन्नामलाई के अनुसार, उन्होंने 4 दिसंबर 2025 को ही पार्टी नेतृत्व को अपने इस्तीफे की इच्छा से अवगत करा दिया था, हालांकि उनसे संगठनात्मक प्रक्रिया पूरी होने तक इंतजार करने को कहा गया था।
‘पहले भाजपा कार्यकर्ता या तमिलनाडु का बेटा’ – आंतरिक द्वंद्व
उन्होंने कहा कि उनके सामने लंबे समय से यह सवाल था कि वह पहले पार्टी के कार्यकर्ता हैं या तमिलनाडु के नागरिक। इसी विचार के बीच उन्होंने अंततः अपने अलग राजनीतिक रास्ते पर आगे बढ़ने का निर्णय लिया।
नई पार्टी चुनावी मैदान में उतरेगी
अन्नामलाई ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी प्रस्तावित राजनीतिक पार्टी आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में भाग लेगी। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश एक ऐसी राजनीति को आगे बढ़ाने की होगी जो विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों पर भी आधारित हो।
भाजपा नेतृत्व को लिखा गया पत्र
इससे पहले भाजपा अध्यक्ष को लिखे अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा था कि वह तमिलनाडु में विकासोन्मुख और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित राजनीति के अपने दृष्टिकोण के साथ पार्टी नेतृत्व पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डालना चाहते।