नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक सप्ताह के विदेश दौरे पर फ्रांस और स्लोवाकिया के लिए रवाना हो गए हैं। इस यात्रा के दौरान वे G7 समिट में भाग लेंगे और वैश्विक नेताओं के साथ विभिन्न द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
रवाना होने से पहले दिए गए बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की रणनीतिक विदेश नीति में फ्रांस का विशेष स्थान है। उन्होंने यह भी कहा कि स्लोवाकिया की उनकी यह यात्रा ऐतिहासिक है, क्योंकि 1993 में स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध और अधिक मजबूत हुए हैं। इस वर्ष की शुरुआत में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच “विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी” को और गहराई दी गई थी।
मोदी ने कहा कि नीस में होने वाली मुलाकात के दौरान वे राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा करेंगे और भविष्य के सहयोग को लेकर नए कदमों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही वैश्विक और आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष के तहत आयोजित कार्यक्रम भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेश से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा और शिक्षा व नवाचार क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देगा।
स्लोवाकिया दौरे को लेकर प्रधानमंत्री ने बताया कि वे ब्रातिस्लावा में राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ बातचीत करेंगे। इसके अलावा वे व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को आगे बढ़ाने में यह यात्रा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, क्योंकि स्लोवाकिया यूरोपीय संघ का एक अहम सदस्य है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत को लगातार आठवें G7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है, जो वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका और विश्वास को दर्शाता है। भारत इस मंच पर न केवल अपने विचार रखेगा, बल्कि ग्लोबल साउथ की आवाज को भी मजबूती से उठाएगा।
यह दौरा 14 से 15 जून के बीच स्लोवाकिया में जारी रहेगा, जिसके बाद प्रधानमंत्री फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 समिट में शामिल होंगे। 16 और 17 जून को होने वाले इस सम्मेलन के बाद वे 18 जून को पेरिस में अपनी फ्रांस यात्रा का समापन करेंगे, जहां वे विवाटेक 2026 कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह दौरा भारत और यूरोप के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा तथा वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाएगा।