नई दिल्ली: पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अभी तक प्रकाशित न हुई किताब को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मामले में बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि नरवणे की किताब ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म अमेज़न पर पहले ही उपलब्ध है।
दिल्ली पुलिस ने इस किताब के कथित प्रसार की जांच शुरू कर दी है और इसके तहत एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट किया है कि किताब अभी तक आधिकारिक तौर पर प्रकाशित नहीं हुई है।
राहुल गांधी ने ट्वीट और प्रेस में कहा कि नरवणे ने खुद सोशल मीडिया पर किताब का लिंक साझा किया है और उन्होंने लिखा है, “बस मेरी किताब के लिंक को फॉलो करें।” राहुल गांधी ने इसे लेकर कहा कि अब या तो जनरल नरवणे या पेंगुइन रैंडम हाउस में से कोई सच नहीं बोल रहा। उन्होंने भरोसा जताया कि पूर्व आर्मी चीफ झूठ नहीं बोलेंगे।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा, “मुझे पेंगुइन से ज्यादा नरवणे पर भरोसा है। ऐसा लगता है कि किताब में भारत सरकार और प्रधानमंत्री के लिए कुछ संवेदनशील बातें हो सकती हैं। अब यह तय करना जनता और पाठकों का है कि किसकी बात सच है।”