नई दिल्ली। शुक्रवार को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरी दिन गिरावट देखने को मिली। कारोबारियों ने ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली की, जिससे सोने का भाव 1,100 रुपये घटकर 1,64,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई।
घरेलू बाजार के आंकड़े क्या बताते हैं?
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्ध सोने की कीमत लगभग 1 प्रतिशत घटकर 1,64,100 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। चांदी की कीमत में भी 600 रुपये की गिरावट आई और यह 2,71,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। विश्लेषकों के अनुसार, हालिया तेज उछाल के बाद निवेशकों और कारोबारियों ने मुनाफा सुरक्षित करने के लिए सोना और चांदी बेची, जिससे कीमतों में नरमी आई।
गिरावट के पीछे के कारण
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ कमोडिटी विश्लेषक सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर में मजबूती, बढ़ती ट्रेजरी यील्ड और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की कम संभावना ने कीमती धातुओं पर दबाव डाला। इसके अलावा, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बावजूद सुरक्षित निवेश की मांग अपेक्षित स्तर तक नहीं रही।
निवेशकों ने लगातार चौथे दिन गोल्ड-बैक्ड ईटीएफ से निकासी की, जिसमें कुल 93,479 ट्रॉय औंस सोने की निकासी हुई। यह 6 फरवरी के बाद की सबसे लंबी निकासी अवधि है, जो कमजोर निवेश मांग को दर्शाती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति
वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुरक्षित निवेश की मांग के कारण सोने और चांदी के दाम बढ़ते रहे। स्पॉट गोल्ड 14.70 डॉलर (0.29%) बढ़कर 5,095.81 डॉलर प्रति औंस पर और चांदी 1.4% बढ़कर 83.40 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
लेमन मार्केट्स के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने बताया कि मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ में शिपिंग बाधा के चलते कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं। इस अस्थिरता और अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट के बीच निवेशकों ने सोना-चांदी को सुरक्षित निवेश के रूप में चुना।
आगे का आउटलुक
एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, अब निवेशकों की निगाहें अमेरिका के महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हैं। बाजार की अगली दिशा अमेरिका की बेरोजगारी दर और नॉन-फार्म पेरोल के डेटा पर निर्भर करेगी।