नई दिल्ली। कर्नाटक की राजनीति में गुरुवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया। यह घोषणा उन्होंने बेंगलुरु स्थित सीएम आवास पर मंत्रियों के साथ हुई ब्रेकफास्ट मीटिंग के दौरान की, जहां उन्होंने अपने कैबिनेट सहयोगियों को इस निर्णय से अवगत कराया।
सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया दोपहर लगभग 3 बजे लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल कार्यालय को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। फिलहाल राज्यपाल थावरचंद गहलोत बेंगलुरु में मौजूद नहीं हैं और वे पारिवारिक कारणों से मध्य प्रदेश के इंदौर में हैं।
ब्रेकफास्ट मीटिंग में लिया गया फैसला
बताया जा रहा है कि सुबह 10:30 बजे बुलाई गई इस बैठक में ही इस्तीफे को लेकर अंतिम निर्णय लिया गया। लंबे समय से चल रही राजनीतिक चर्चाओं और सत्ता संतुलन को लेकर बने दबाव के बीच यह कदम अहम माना जा रहा है।
सत्ता हस्तांतरण की अटकलें तेज
सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अब राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। 2023 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से ही दोनों नेताओं के बीच सत्ता साझा करने को लेकर चर्चा चल रही थी।
2023 में बनी थी कांग्रेस सरकार
कर्नाटक में 2023 में कांग्रेस ने सरकार बनाई थी, जिसमें 23 मई को सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और डीके शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। उस समय कथित तौर पर ढाई-ढाई साल के नेतृत्व फॉर्मूले पर सहमति बनी थी, हालांकि बाद में इसे लेकर लगातार राजनीतिक खींचतान देखने को मिली।
राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा तेज
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में दिल्ली में हुई एक अहम बैठक के बाद यह फैसला और स्पष्ट हुआ। चर्चा यह भी है कि सिद्धारमैया को इस्तीफे के बदले कुछ राजनीतिक व्यवस्थाएं दिए जाने पर सहमति बनी है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अपडेट नोट
यह खबर प्रारंभिक रिपोर्ट्स और सूत्रों के आधार पर तैयार की गई है। आधिकारिक पुष्टि और आगे की जानकारी आने पर इसे अपडेट किया जाएगा।