जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने त्विषा शर्मा मौत मामले में पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अवकाशकालीन न्यायाधीश देवनारायण मिश्रा की अदालत ने भोपाल की सत्र अदालत द्वारा 15 मई 2026 को दिए गए जमानत आदेश को निरस्त कर दिया।

अदालत ने कहा कि मामले में लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए अग्रिम जमानत जारी रखना उचित नहीं है। इसके साथ ही दहेज प्रताड़ना और अन्य आरोपों से संबंधित याचिकाओं को स्वीकार कर लिया गया।

परिवार ने फैसले का किया स्वागत

त्विषा शर्मा के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने हाई कोर्ट के फैसले को न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक न्यायिक सेवा में रहने के कारण गिरिबाला सिंह को कानून का सम्मान करते हुए सीबीआई जांच में सहयोग करना चाहिए और एजेंसी के सामने पेश होना चाहिए।

पति समर्थ सिंह पहले से सीबीआई हिरासत में

इस मामले में इससे पहले भोपाल की अदालत ने त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह को सीबीआई हिरासत में भेजा था। पूछताछ के दौरान सीबीआई टीम उन्हें कटारा हिल्स स्थित आवास पर भी लेकर गई, जहां आगे की जांच की गई।

12 मई को संदिग्ध हालात में मिली थी त्विषा

पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। मामले की जांच हाल ही में सीबीआई को सौंपी गई थी। एजेंसी ने मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर को दोबारा दर्ज करते हुए पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया है।