पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बड़ी चुनावी रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस जनसैलाब ने नए बंगाल और भाजपा सरकार में जनता के विश्वास को प्रदर्शित किया है। पीएम मोदी ने रैली में टीएमसी पर कड़ा प्रहार करते हुए महिलाओं के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले भी वह इस मैदान में आए हैं, लेकिन आज की भीड़ ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उनका कहना था कि यह उत्साह नए बंगाल और उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद जगाता है।

टीएमसी के गुंडों का होगा हिसाब
प्रधानमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि मतदान के दिन टीएमसी के गुंडे चाहे जितना डराने की कोशिश करें, जनता को कानून पर भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस चुनाव के बाद बंगाल से डर का माहौल खत्म होगा और भाजपा की जीत लोगों में आत्मविश्वास लाएगी। मोदी ने कहा, “4 मई के बाद टीएमसी के पापों का पूरा हिसाब होगा। कानून अपना काम करेगा और कोई भी गुंडा कितना बड़ा क्यों न हो, न्याय के कठघरे में खड़ा किया जाएगा।”

महिला आरक्षण और विशेष सत्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने अब तक 3 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया है। अब देश में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण का कानून लाया गया है। उन्होंने बताया कि 2029 के लोकसभा चुनाव से इसका लाभ महिलाओं को मिलने लगेगा, और इसके लिए 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। पीएम मोदी ने इसे 40 साल से अटका हुआ अधिकार बताते हुए कहा कि इसे और टालना सही नहीं है।

राज्यों के अधिकारों की सुरक्षा
कूचबिहार से प्रधानमंत्री ने यह भरोसा भी दिया कि जो राज्य जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर काम कर रहे हैं, उन्हें संसद में सीटों के मामले में कोई नुकसान नहीं होगा। सरकार सुनिश्चित करेगी कि सभी राज्यों के अधिकार सुरक्षित रहें और महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीटें बढ़ाने का लाभ हर राज्य तक पहुंचे।

मालदा की घटना पर टिप्पणी
पीएम मोदी ने मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस राज्य में जज और कानूनी प्रक्रिया ही सुरक्षित नहीं हैं, वहां आम जनता की सुरक्षा कैसे हो सकती है। उन्होंने इसे सरकार के संरक्षण में चल रहे ‘जंगलराज’ के रूप में देखा।

महिला आरक्षण बिल पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण का मामला किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश का विषय है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर महिलाओं के अधिकारों के लिए एकजुट हों। उन्होंने बंगाल की महिलाओं से आग्रह किया कि वे सभी दलों पर दबाव डालें ताकि संसद में यह कानून बिना रुकावट पास हो। पीएम मोदी ने सभी दलों से कहा कि महिलाओं को उनका हक दिलाने में सकारात्मक भूमिका निभाना हर दल की जिम्मेदारी है।