भारतीय विमानन क्षेत्र में नियामकीय सख्ती का बड़ा उदाहरण सामने आया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के खिलाफ अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई करते हुए उस पर 22.20 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। यह कदम दिसंबर 2025 में बड़े पैमाने पर उड़ानों के रद्द होने और लगातार देरी की घटनाओं के बाद उठाया गया है। नियामक ने न सिर्फ आर्थिक दंड लगाया, बल्कि एयरलाइन के शीर्ष अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की है।

उड़ान अव्यवस्था ने बढ़ाई यात्रियों की मुश्किलें

3 से 5 दिसंबर 2025 के बीच इंडिगो के परिचालन में गंभीर गड़बड़ी देखने को मिली थी। इस दौरान 2,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि करीब 1,800 फ्लाइट्स तय समय से देरी से संचालित हुईं। इसका असर यह हुआ कि देशभर के हवाई अड्डों पर तीन लाख से अधिक यात्री फंस गए। हालात की गंभीरता को देखते हुए डीजीसीए ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की थी।

जांच में क्या सामने आया

जांच रिपोर्ट में सामने आया कि एयरलाइन ने संसाधनों के अत्यधिक उपयोग यानी ‘ओवर-ऑप्टिमाइजेशन’ की नीति अपनाई थी। क्रू और विमानों के अधिकतम इस्तेमाल के चलते आवश्यक बफर समय खत्म हो गया, जिससे जरा-सी बाधा भी बड़े संकट में बदल गई। इसके अलावा सॉफ्टवेयर सिस्टम की कमजोरियां और नियामकीय तैयारी की कमी भी अव्यवस्था की अहम वजह बनी।

जुर्माने का पूरा ब्योरा

डीजीसीए द्वारा लगाया गया कुल 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना दो हिस्सों में है।
पहला, नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं (CAR) के उल्लंघन को लेकर 1.80 करोड़ रुपये का एकमुश्त दंड।
दूसरा, संशोधित फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) नियमों का लगातार पालन न करने पर 68 दिनों तक प्रतिदिन 30 लाख रुपये का जुर्माना, जिसकी कुल राशि 20.40 करोड़ रुपये बैठती है। एयरलाइन को यह रकम बैंक गारंटी के रूप में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।

शीर्ष अधिकारियों पर भी गिरी गाज

नियामक ने इंडिगो के प्रबंधन स्तर पर भी कड़ी नाराजगी जताई है। एयरलाइन के सीईओ को संचालन की पर्याप्त निगरानी न रखने पर चेतावनी दी गई है। साथ ही अकाउंटेबल मैनेजर की भूमिका निभा रहे सीओओ को भी फटकार लगाई गई है।
सबसे सख्त कदम ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर (OCC) से जुड़े सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के खिलाफ उठाया गया है, जिन्हें तत्काल प्रभाव से सभी परिचालन जिम्मेदारियों से हटाने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा फ्लाइट ऑपरेशंस के डिप्टी हेड और क्रू रिसोर्स प्लानिंग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी को भी चेतावनी जारी की गई है।

इंडिगो का जवाब और यात्रियों के लिए राहत

एयरलाइन ने बयान जारी कर कहा है कि वह डीजीसीए के आदेश का सम्मान करती है और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएगी। यात्रियों को राहत देते हुए कंपनी ने प्रभावित सभी यात्रियों को टिकट का रिफंड जारी कर दिया है। इसके साथ ही ‘जेस्चर ऑफ केयर’ के तहत प्रत्येक यात्री को 5,000 रुपये के दो ट्रैवल वाउचर दिए गए हैं, जो एक साल तक मान्य रहेंगे।

क्या है इस कार्रवाई का संदेश

डीजीसीए की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि परिचालन दक्षता या मुनाफे की दौड़ में यात्री सुविधा और सुरक्षा मानकों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह मामला विमानन क्षेत्र में कॉरपोरेट गवर्नेंस, योजना और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है और भविष्य के लिए एक सख्त चेतावनी भी है।