देहरादून। त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले में कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने शिकायत पर समय पर कार्रवाई नहीं की और एफआईआर दर्ज होने में 12 दिन लग गए। उन्होंने बताया कि अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है।
गौरव गोगोई ने आगरा की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भी वहां एक सुरक्षा गार्ड ने पासपोर्ट दिखाने के लिए कहा। उन्होंने इसे पूर्वोत्तर के लोगों के साथ देश में हो रहे भेदभाव का उदाहरण बताया और कहा कि ऐसे अनुभव देशभक्ति और सहनशीलता पर सवाल उठाते हैं।
सांसद ने कहा, "सरकार 'वन इंडिया' की बात करती है, लेकिन देश की विविधताओं को नजरअंदाज करती है। विभिन्न भाषाओं, राज्यों और लोगों के अलग-अलग चेहरे इस विचार में नजरअंदाज हो जाते हैं।" उन्होंने दोषियों को जल्द न्याय दिलाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी पूछा कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में इतनी देरी क्यों की और फरार आरोपी को जल्दी गिरफ्तार किया जाए। गौरव गोगोई ने असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले में दो समुदायों के बीच हुई हिंसा का भी जिक्र किया और कहा कि वहां के जनजातीय लोगों के खिलाफ देश से बाहर जाने के नारे लगाए जा रहे हैं।
वहीं, कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन ने कहा कि माता-पिता ने अपना प्रिय बेटा खो दिया है और अब केंद्र सरकार को नस्लीय भेदभाव के खिलाफ कानून बनाना चाहिए।