केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था पर दबाव है और हालात ऐसे हैं जैसे लोकतंत्र को “बलपूर्वक नियंत्रित” किया जा रहा हो। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर चुनाव परिणामों को स्वीकार न करने का आरोप भी लगाया।
सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जनादेश को जनता की आवाज के रूप में देखने के बजाय उसे केवल एक सुझाव माना जा रहा है, जिसे अस्वीकार किया जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सत्ता को जिम्मेदारी समझा जा रहा है या सिर्फ अधिकार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव परिणामों को न स्वीकार करना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनके अनुसार, यह रवैया बताता है कि राज्य में जवाबदेही की भावना कमजोर पड़ रही है।
टीएमसी पर लगाए गंभीर आरोप
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस का नेतृत्व जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा है और सत्ता बनाए रखने के लिए संस्थागत व्यवस्था पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और सुरक्षा एजेंसियों की विश्वसनीयता पर अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय से शासन का ढांचा भय और राजनीतिक प्रभाव पर आधारित रहा है, और जनादेश को न मानना लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करता है।
ममता बनर्जी का पलटवार
दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने चुनाव परिणामों को स्वीकार न करते हुए आरोप लगाया कि पूरा चुनावी नतीजा साजिश का परिणाम है।
ममता बनर्जी के अनुसार, लगभग 100 सीटों पर अनियमितताएं हुई हैं और मतगणना प्रक्रिया को जानबूझकर धीमा किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस्तीफा नहीं देंगी क्योंकि यह परिणाम जनता की इच्छा के बजाय साजिश से प्रभावित है।