कोलकाता के पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंदा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवासों की सुरक्षा हटाए जाने की खबरों पर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा पूरी तरह हटाई नहीं गई है, बल्कि पहले तैनात अतिरिक्त पुलिस बल को रोटेशन के आधार पर कम किया गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नियमों के अनुरूप और सक्रिय है।

चुनाव बाद हिंसा पर सख्त चेतावनी
चुनाव के बाद राज्य में हो रही हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं के बीच सीपी नंदा ने साफ कहा कि किसी भी राजनीतिक जुलूस में बुलडोजर के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई किराये पर बुलडोजर लेकर ऐसी गतिविधियों में शामिल होता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें। फिलहाल शहर में 65 पुलिस यूनिट्स तैनात की गई हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद सख्ती
यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग ने राज्य में चुनाव के बाद हिंसा पर “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने और उपद्रवियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

हिंसा में मौत और गिरफ्तारियां
हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई राजनीतिक कार्यालयों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार अब तक 80 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और हथियार भी बरामद किए गए हैं।

सीपी ने बताया कि विजय जुलूस निकालने के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर पुलिस केंद्रीय बलों के साथ मिलकर सख्त कार्रवाई करेगी।

अन्य नेताओं की सुरक्षा की समीक्षा
पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित कई वरिष्ठ नेताओं—फिरहाद हाकिम, अरूप बिस्वास और सुजीत बोस—की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। जरूरत के अनुसार सुरक्षा में बदलाव किए जा रहे हैं।

राजनीतिक हालात और पृष्ठभूमि
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 में से 207 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जिससे राज्य में 15 साल पुराना टीएमसी शासन समाप्त हो गया।

चुनाव परिणाम के बाद कई इलाकों में हिंसा की घटनाएं सामने आईं, जिसमें पुलिस टीम पर हमले और हथियार बरामदगी जैसी घटनाएं शामिल हैं। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव नतीजों को स्वीकार करने से इनकार करते हुए इसे साजिश बताया है और इस्तीफा देने से भी मना कर दिया है।