असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने मंत्रिपरिषद के साथ पद से इस्तीफा दे दिया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सरमा ने लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्या को अपना और मंत्रिपरिषद का इस्तीफा सौंपा, जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया। हालांकि, नई सरकार के गठन तक उनसे कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में काम जारी रखने का अनुरोध किया गया है।
विधायक दल की बैठक पर नजर
मुख्यमंत्री ने बताया कि भाजपा नेतृत्व की ओर से जेपी नड्डा और नायब सिंह सैनी को विधायक दल की बैठक के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही केंद्रीय नेतृत्व की ओर से निर्देश मिलेगा, नव-निर्वाचित विधायकों की बैठक बुला ली जाएगी। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद ही शपथ ग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
भाजपा को मिला स्पष्ट बहुमत
इस चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने राज्य में मजबूत प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। 126 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने अकेले 82 सीटें जीतकर बड़ी बढ़त हासिल की है, जबकि विपक्ष को करारी हार का सामना करना पड़ा।
वहीं कांग्रेस को केवल 19 सीटों पर संतोष करना पड़ा। क्षेत्रीय दलों में असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) ने 10-10 सीटें जीतीं। AIUDF और रायजोर दल को 2-2 सीटें मिलीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने एक सीट पर जीत दर्ज की।
राज्य में जश्न का माहौल
नतीजों के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। कई जगहों पर पार्टी कार्यालयों में जश्न, मिठाइयों का वितरण और आतिशबाजी की गई। पार्टी नेताओं ने इस जीत को विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और जनकल्याण योजनाओं पर जनता का भरोसा बताया।
राजनीतिक विश्लेषण
विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीत पूर्वोत्तर में भाजपा की पकड़ को और मजबूत करती है। हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व को राज्य में पार्टी की सफलता का बड़ा कारण माना जा रहा है।
अब सभी की नजर भाजपा विधायक दल की बैठक पर टिकी है, जहां नए नेता का चयन किया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि हिमंत बिस्वा सरमा को एक बार फिर विधायक दल का नेता चुना जा सकता है, जिसके बाद नई सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख घोषित की जाएगी।