नई दिल्ली। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को लेकर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सभी हिस्से, जिनमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, भारत के अभिन्न अंग हैं और इस स्थिति में कोई बदलाव स्वीकार्य नहीं है।

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पाकिस्तान द्वारा 7 जून 2026 को गिलगित-बाल्टिस्तान में विधानसभा चुनाव कराने की घोषणा भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन है। मंत्रालय ने दोहराया कि यह क्षेत्र भारत का हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान का अवैध कब्जा बना हुआ है।

भारत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का 1947 में भारत में विधिवत विलय हो चुका था और इसके बाद पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न हिस्सा है। ऐसे में पाकिस्तान द्वारा वहां प्रशासनिक या राजनीतिक गतिविधियों के जरिए स्थिति बदलने की कोई भी कोशिश मान्य नहीं मानी जा सकती।

विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि कब्जे वाले क्षेत्रों में चुनाव कराने या अन्य प्रशासनिक कदम उठाने से वास्तविक स्थिति नहीं बदलती। भारत का रुख है कि पाकिस्तान को उन क्षेत्रों पर अपना अवैध कब्जा समाप्त करना चाहिए।

बयान में पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्रों में मानवाधिकारों की स्थिति पर भी चिंता जताई गई। मंत्रालय के अनुसार, वहां राजनीतिक स्वतंत्रता, नागरिक अधिकारों और आर्थिक अवसरों से जुड़े कई गंभीर मुद्दे मौजूद हैं। भारत का कहना है कि चुनाव जैसे कदम इन समस्याओं से ध्यान हटाने का प्रयास हैं, लेकिन इससे वहां की वास्तविक परिस्थितियां नहीं बदलेंगी।

भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह अपने क्षेत्रीय दावों और संप्रभु अधिकारों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा गिलगित-बाल्टिस्तान सहित पूरे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है।