लखनऊ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ में शुक्रवार को एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) को लेकर बड़ा बयान दिया। सीतापुर रोड स्थित ब्रज की रसोई परिसर में चल रही पद्म विभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य की रामकथा में शामिल होते हुए उन्होंने कहा कि पीओके एक दिन निश्चित रूप से भारत का अभिन्न हिस्सा बनेगा, और यह राष्ट्र की इच्छा शक्ति का परिणाम होगा।

रामकथा में शामिल हुए रक्षा मंत्री

कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य का आशीर्वाद लिया और कहा कि उनका मार्गदर्शन हमेशा राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के कार्यों में प्रेरणा देता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी जगद्गुरु के प्रति गहरी श्रद्धा रखते थे।

राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें आशीर्वाद मिला है कि भारत की अखंडता और राष्ट्रहित से जुड़े संकल्प अवश्य पूरे होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि पीओके को भारत में शामिल करने का संकल्प भी एक दिन साकार होगा।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य का संदेश

कथा के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने भी राष्ट्रहित और सांस्कृतिक मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि भारत की सनातन परंपराएं और रामायण का संदेश आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने रामायण को राष्ट्रग्रंथ के रूप में मान्यता देने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श आज भी देश के लिए प्रासंगिक हैं।

उन्होंने लखनऊ और सीतापुर क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि रामायणकालीन परंपराओं से गहराई से जुड़ी हुई है।

इसके साथ ही उन्होंने अपने विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग भी उठाई, ताकि संस्थान को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

कार्यक्रम में कई नेता मौजूद

इस रामकथा कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, एमएलसी मुकेश शर्मा और विधायक डॉ. नीरज बोरा सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

पहले भी पीओके पर बयानबाजी चर्चा में

गौरतलब है कि इससे पहले भी पीओके को लेकर कई धार्मिक और राजनीतिक मंचों से बयान सामने आते रहे हैं। हाल ही में ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के मुख्य इमाम उमर अहमद इल्यासी ने भी कहा था कि पीओके जल्द ही भारत से फिर जुड़ सकता है। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हुई थी।