पश्चिम कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, जब एक निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक ढह गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर मौजूद मजदूरों व स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
काम के दौरान हुआ हादसा, कई मजदूर दबे
जानकारी के अनुसार, घटना के समय गोदाम में निर्माण कार्य चल रहा था और कई मजदूर काम में जुटे हुए थे। आशंका जताई जा रही है कि छत गिरने के कारण करीब 40 से 45 लोग मलबे के नीचे दब गए। ऑल इंडिया रेडियो की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
#WATCH | Kolkata | NDRF team arrive at the site where an under-construction godown shed collapsed in Taratala, to assist in the search and rescue operation after an under-construction godown shed collapsed here pic.twitter.com/wBVRXJNpea
— ANI (@ANI) June 24, 2026
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, चार लोग सुरक्षित निकाले गए
#WATCH | Kolkata | NDRF team arrive at the site where an under-construction godown shed collapsed in Taratala, to assist in the search and rescue operation after an under-construction godown shed collapsed here pic.twitter.com/wBVRXJNpea
— ANI (@ANI) June 24, 2026सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन दल और नागरिक सुरक्षा की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार अब तक चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है।
सेना भी राहत कार्य में शामिल
बचाव अभियान में तेजी लाने के लिए भारी मशीनरी, क्रेन और जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। लोहे के भारी बीम हटाकर मलबा साफ किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि सेना के जवान भी राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं, जिससे ऑपरेशन और तेज हो गया है।
अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी
घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रशासन का पूरा ध्यान फिलहाल मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने पर है।
जांच के आदेश, कारणों की पड़ताल जारी
हादसे के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जांच में निर्माण कार्य के दौरान खराब सामग्री के उपयोग की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही वास्तविक स्थिति और नुकसान की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।