कोलकाता: पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। रैलियों और रणनीति बैठकों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धर्म और प्रशासन दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं।

मुख्यमंत्री ने राज्य के पुजारियों और मुअज्जिनों की मासिक मानदेय राशि में 500 रुपये की वृद्धि करते हुए इसे 2,000 रुपये प्रति माह कर दिया है। यह जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। ममता बनर्जी ने कहा कि ये लोग राज्य के समुदायों के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखने में अहम योगदान देते हैं, इसलिए यह वित्तीय सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि जिन्होंने नए आवेदन प्रस्तुत किए थे, उन्हें भी मंजूरी दे दी गई है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार सभी समुदायों और परंपराओं का सम्मान करती है और धार्मिक-सांस्कृतिक संरक्षकों को पूर्ण सहयोग देती है।

कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ा ऐलान
इसके अलावा, ममता बनर्जी ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों, शैक्षिक संस्थानों के लाखों शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारी, साथ ही पंचायत, नगरपालिका और अन्य स्थानीय निकायों के कर्मियों के वेतन और भत्तों का पुनरीक्षण (ROPA 2009) अब लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इन कर्मचारियों को मार्च 2026 से डीए बकाया राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। सरकारी नोटिफिकेशन में इसके सभी नियम और प्रक्रिया निर्धारित किए गए हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि यह कदम कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा है और इसका उद्देश्य सभी को समय पर आर्थिक लाभ सुनिश्चित करना है।