झारखंड में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया 20 जून से शुरू होने जा रही है। यह अभियान 29 जुलाई तक चलेगा, जिसके दौरान राज्यभर में मतदाताओं के नामों का सत्यापन किया जाएगा और उन्हें एन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराए जाएंगे, जिन्हें भरकर हस्ताक्षर के साथ जमा करना अनिवार्य होगा।
राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारी की गई है। चुनाव आयोग ने इसके सफल संचालन के लिए बड़ी संख्या में कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की है, जिसमें मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, 5 डिविजनल कमिश्नर, 44 जिला निर्वाचन पदाधिकारी, 81 ईआरओ, लगभग 32 हजार बीएलओ और करीब 4 हजार बीएलओ सुपरवाइजर शामिल हैं। कुल मिलाकर करीब 50 हजार कर्मी इस अभियान में लगाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह टीम राज्य के हर क्षेत्र, यहां तक कि सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचकर मतदाता सत्यापन का कार्य करेगी। प्रत्येक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को औसतन 1200 मतदाताओं की जांच की जिम्मेदारी दी गई है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि बीएलओ को सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि कार्य सुचारू रूप से पूरा किया जा सके। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर इस कार्य में बाधा डाली जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।