नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय इजरायल दौरे पर पहुंच चुके हैं। बेन-गुरियन एयरपोर्ट पर उन्हें इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और फर्स्ट लेडी सारा नेतन्याहू ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

नेतन्याहू ने पीएम मोदी को गले लगाते हुए उन्हें महान नेता करार दिया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच एक हल्की-फुल्की बातचीत भी हुई, जिसमें नेतन्याहू ने मजाकिया अंदाज में कहा कि पीएम मोदी की पॉकेट स्क्वायर का रंग सारा नेतन्याहू की भगवा ड्रेस से पूरी तरह मेल खाता है।

9 साल बाद पीएम मोदी का इजरायल दौरा

2017 के बाद यह पीएम मोदी का पहला इजरायल दौरा है। दौरे के दौरान उनके कार्यक्रम में शामिल हैं:

  • पीएम नेतन्याहू और इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात

  • इजरायली संसद नेसेट को संबोधित करना

  • विभिन्न आधिकारिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेना

दौरे पर पाक मीडिया की निगाहें

पीएम मोदी के दौरे ने अंतरराष्ट्रीय और इस्लामिक देशों की मीडिया का ध्यान खींचा है। खासकर पाकिस्तान की मीडिया इस दौरे को लेकर बेहद सक्रिय नजर आ रही है। यह स्थिति उस बयान के बाद और भी संवेदनशील हो गई है जिसमें नेतन्याहू ने

कट्टर शिया और सुन्नी एक्सिस को चुनौती बताते हुए भारत, ग्रीस, साइप्रस और कुछ अरब, एशियाई और अफ्रीकी देशों के साथ गठजोड़ की संभावना का जिक्र किया था।

सऊदी अरब, मिस्र और जॉर्डन समेत कई इस्लामिक देशों ने इस बयान की आलोचना की है। पाकिस्तान की संसद में भी इस बयान के विरोध में प्रस्ताव पारित किया गया और मीडिया में इसे अत्यंत नाजुक मसला बताया जा रहा है।

पाकिस्तान की चिंता बढ़ी

पीएम मोदी का स्वागत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों और हाल ही में अमेरिका की ओर से ग्रेटर इजरायल के संदर्भ में उठ रहे सवालों ने पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप प्रशासन की ईरान नीति और मध्य-पूर्व की संवेदनशील स्थिति ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।