नई दिल्ली: देशभर में धमकी भरे ईमेल भेजने वाले 47 वर्षीय आर. श्रीनिवास को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को लुईस श्रीनिवास के नाम से पेश करता था और अकेले मार्च महीने में ही दिल्ली हाईकोर्ट में 1000 से अधिक धमकी भरे ईमेल भेज चुका था।
साइबर थाना ने बरामद किया लैपटॉप
नई दिल्ली जिले के साइबर थाना ने आरोपी के मैसूर स्थित घर से उसका लैपटॉप बरामद किया। पुलिस के अनुसार यही लैपटॉप वह धमकी भरे ईमेल भेजने में इस्तेमाल कर रहा था। आर. श्रीनिवास ने देश के सभी उच्च न्यायालयों, सुप्रीम कोर्ट और यहां तक कि पाकिस्तान सरकार को भी खतरे और धमकी भरे ईमेल भेजे।
शुरुआत में उसके ईमेल सामान्य स्वरूप के थे, लेकिन समय के साथ यह खतरनाक और गंभीर हो गए। हाल के महीनों में उसने अपने मेल में बार-बार “बम” और “धमकी” जैसे शब्दों का प्रयोग किया। कुछ ईमेल उसने कन्नड़ भाषा में भी भेजे। पुलिस अब इन लैपटॉप फाइलों को फॉरेंसिक जांच के लिए तैयार कर रही है।
तकनीकी दक्षता और डिजिटल ट्रेल
आरोपी तकनीकी रूप से काफी दक्ष था। उसने अलग-अलग आईपी एड्रेस और वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की, लेकिन साइबर सेल ने डिजिटल ट्रेल के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रैक कर ली। पुलिस ने बताया कि आरोपी का व्यवहार असामान्य था और वह लंबे समय से अकेलेपन का सामना कर रहा था।
शिक्षा और पेशेवर पृष्ठभूमि
आर. श्रीनिवास ने बीए, एमए और एमबीए किया है, जबकि लॉ की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। उसने कई निजी कॉलेजों में राजनीतिक विज्ञान पढ़ाया। वकीलों के साथ काम करने के कारण उसने ज्यादातर कोर्ट को ही धमकी भरे ईमेल भेजे। आरोपी अविवाहित है।
इंटरनेट का इस्तेमाल और सहयोग
पुलिस ने बताया कि आरोपी बीएसएनएल का इंटरनेट इस्तेमाल कर रहा था, क्योंकि उसे पता था कि इससे उसकी लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड आसानी से नहीं मिलेंगे। पुलिस ने कई बार बीएसएनएल से पत्राचार कर सहयोग मांगा, लेकिन अपेक्षित मदद नहीं मिली।
आरोपी की गिरफ्तारी नई दिल्ली पुलिस की साइबर अपराधों के खिलाफ सक्रियता और तकनीकी दक्षता का उदाहरण है।