कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा सियासी उलटफेर सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों ने दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए एक नया राजनीतिक दांव खेलते हुए एक छोटी और कम चर्चित पार्टी ‘नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI)’ में शामिल होने का फैसला किया है। इतना ही नहीं, इन सांसदों ने इस पार्टी का नियंत्रण भी अपने हाथ में ले लिया है।

काकोली घोष बनीं NCPI की अध्यक्ष

सूत्रों के अनुसार, टीएमसी की वरिष्ठ नेता और ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली काकोली घोष दस्तीदार को NCPI का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। बताया जा रहा है कि यह पूरा बदलाव रणनीतिक तरीके से अंजाम दिया गया, ताकि सांसदों की सदस्यता दलबदल कानून के तहत रद्द न हो सके।

20 सांसदों के समर्थन का दावा

टीएमसी के 28 लोकसभा सांसदों में से करीब 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अपना नया रुख स्पष्ट किया है। इन सांसदों ने दावा किया कि उनके पास आवश्यक दो-तिहाई बहुमत है और वे टीएमसी छोड़कर NCPI में शामिल हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने एनडीए खेमे में अपनी नई स्थिति को मान्यता देने की मांग भी की है।

राजनीतिक हलचल और संभावित समर्थन

हालांकि इस घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे परोक्ष समर्थन की भूमिका हो सकती है। बताया जा रहा है कि कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ इन सांसदों की कई दौर की बातचीत भी हुई थी।

अंदरूनी नाराजगी बनी वजह

सूत्रों के मुताबिक टीएमसी के भीतर यह असंतोष लंबे समय से बढ़ रहा था। सांसदों की नाराजगी का केंद्र पार्टी नेतृत्व, खासकर अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली बताई जा रही है। बागी सांसदों का आरोप है कि संगठन में वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी की जा रही है।

NCPI का संक्षिप्त इतिहास

NCPI एक अपेक्षाकृत नई और छोटी राजनीतिक पार्टी है, जिसका पंजीकरण जनवरी 2023 में हुआ था। इसका संगठनात्मक आधार बेहद सीमित माना जाता है। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में इस पार्टी ने कुछ उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उन्हें बेहद कम वोट मिले थे।

बड़ा राजनीतिक असर संभव

यदि लोकसभा अध्यक्ष इस विलय को मंजूरी दे देते हैं, तो NCPI संसद में एक बड़ा दल बनकर उभर सकती है और राजनीतिक समीकरणों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यह घटनाक्रम देश की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।