नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को बैंक, ग्रामीण बैंक, एनबीएफसी, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों और सहकारी बैंकों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। अब नामित रिकवरी एजेंट किसी भी ग्राहक के साथ बदतमीजी या धमकी के साथ पेश नहीं आ सकते, चाहे वह कर्ज चुकाने में असमर्थ हो या भुगतान में देरी कर रहा हो।

RBI का कहना है कि इसका मुख्य उद्देश्य लोन चुकाने में कठिनाई झेल रहे ग्राहकों को अनुचित दबाव और उत्पीड़न से बचाना है।

बैंकों को बनानी होगी स्पष्ट नीति

नए नियमों के अनुसार, सभी वित्तीय संस्थानों को अब रिकवरी एजेंट्स की नियुक्ति और कार्यशैली पर स्पष्ट नीति बनानी होगी। इसमें एजेंट्स की योग्यता, पृष्ठभूमि जांच, आचार संहिता और निगरानी शामिल होगी। इसका मकसद ऐसे ग्राहकों को राहत देना है, जो अब तक रिकवरी प्रक्रिया के दौरान उत्पीड़न का शिकार हो रहे थे।

RBI ने स्पष्ट किया कि रिकवरी प्रक्रिया न केवल कानूनी होगी, बल्कि मानवीय भी। पिछले वर्षों में एजेंट्स के गैर-कानूनी व्यवहार, धमकियों और शारीरिक हिंसा जैसी घटनाओं की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। कुछ मामलों में, अत्यधिक दबाव के कारण ग्राहक चरम कदम तक उठा चुके हैं।

रिकवरी एजेंट्स की नियुक्ति और प्रशिक्षण

अब बैंकों को एजेंट्स नियुक्त करने से पहले उनकी पृष्ठभूमि जांच करनी होगी। सभी एजेंट्स के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस (IIBF) या उससे जुड़े संस्थानों से डेब्ट रिकवरी एजेंट प्रशिक्षण प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा।

बैंक को एक आचार संहिता तैयार करनी होगी, जिसमें एजेंट्स और बैंक कर्मचारियों दोनों शामिल होंगे। नियुक्ति से पहले एजेंट्स से लिखित सहमति ली जाएगी कि वे बैंक की नीतियों का पालन करेंगे। नियम तोड़ने पर अनुबंध समाप्ति सहित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

ग्राहकों की सुविधा के लिए बैंक अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप और शाखाओं में अपडेटेड एजेंट लिस्ट प्रकाशित करेंगे, जिसमें एजेंट का नाम, संपर्क और अनुबंध अवधि शामिल होगी।

ग्राहक की जानकारी और गोपनीयता

रिकवरी प्रक्रिया शुरू होने से पहले ग्राहक को नोटिस, SMS या ईमेल के जरिए एजेंट की जानकारी दी जाएगी। एजेंट बदलने पर तुरंत सूचना दी जाएगी। ग्राहक की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और केवल आवश्यक हद तक एजेंट्स के साथ साझा की जाएगी।

ग्राहक की शिकायत आने पर बैंक रिकवरी प्रक्रिया रोक देगा, जब तक शिकायत का निपटारा नहीं हो जाता। कॉल और विज़िट केवल सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक की जा सकती हैं। ग्राहक की सुविधा के अनुसार संपर्क का समय और स्थान तय होगा।

रिकॉर्डिंग और मानवीय संपर्क

सभी बातचीत रिकॉर्ड की जाएगी और ग्राहक को इसकी जानकारी दी जाएगी। माइक्रोफाइनेंस लोन के लिए रिकवरी पहले तय जगह पर होगी, लेकिन यदि ग्राहक नहीं आता, तो घर या कार्यस्थल पर संपर्क किया जा सकता है।

कठोर व्यवहार पर पूर्ण प्रतिबंध है। एजेंट्स और बैंक कर्मचारी गाली-गलौज, धमकी, झूठी जानकारी, शारीरिक हिंसा की धमकी या सोशल मीडिया पर अनुचित संदेश नहीं भेज सकते। परिवार और दोस्तों को परेशान करना भी पूरी तरह मना है।