लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल से लागू होने वाली नई आबकारी नीति के तहत अंग्रेजी शराब के दाम 10 से 30 रुपये तक बढ़ेंगे। इसके साथ ही शराब के कोटे और लाइसेंस शुल्क में भी 7.5 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। इसी दर से बीयर पर भी नई दर लागू होगी।
नई नीति में देसी शराब के दुकानदारों के लिए कई नए प्रावधान किए गए हैं। सबसे खास बदलाव यह है कि अब पहली बार देसी शराब में 100 एमएल का मिनिएचर ‘बच्चा’ लॉन्च किया गया है। 42.8 डिग्री तीव्रता वाला यह मिनिएचर 50 रुपये में उपलब्ध होगा। इससे पहले मिनिएचर केवल अंग्रेजी शराब में मिलता था, जबकि देसी शराब में सबसे छोटा आकार पौव्वा ही था।
नगर निगम क्षेत्रों में देसी शराब की कम बिक्री को देखते हुए दुकानों का कोटा 4 फीसदी निर्धारित किया गया है, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह 8 फीसदी होगा। अब कम बिक्री के बावजूद दुकानदारों पर अधिक उठान का दबाव नहीं रहेगा।
महीनेवार कोटा व्यवस्था
विशेष सचिव अभिषेक आनंद और आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह के अनुसार, अब देसी शराब के कोटे महीनेवार तय किए गए हैं। बिक्री के हिसाब से कोटा बढ़ाया या घटाया जाएगा। नई व्यवस्था के अनुसार:
अप्रैल: 8.5%
मई (शादी का मौसम): 9.5%
जून: 9%
जुलाई: 8%
अगस्त-सितंबर: 6.5%
अक्टूबर: 8.5%
नवंबर-दिसंबर: 9.5%
जनवरी: 9%
फरवरी: 8%
मार्च: 7.5%
फुटकर बिक्री में सुधार
25 डिग्री तीव्रता वाली देसी शराब अब 55 रुपये की होगी। 28 डिग्री वाली 60 रुपये, 36 डिग्री वाली 80 रुपये और 42.8 डिग्री वाली 90 रुपये प्रति पौव्वा बिकेगी। इससे दुकानों पर फुटकर और रिटर्न राशि को लेकर होने वाले विवाद खत्म हो जाएंगे।
होलसेल व्यापारियों के लिए राहत
पहले होलसेल लाइसेंस शुल्क 20 से 25 लाख रुपये था, जो कम उठान वाले गोदामों के लिए भारी था। नई नीति में इसे 2 लाख रुपये कर दिया गया है। अब बिक्री के अनुसार कर का हिस्सा 0.4% या 0.5% होगा, जिससे छोटे और बड़े गोदामों पर समान दबाव नहीं पड़ेगा।
भांग की दुकानें
भांग की दुकानों के कोटे और लाइसेंस शुल्क में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। नई नीति के लागू होने के बाद भांग के दामों में भी वृद्धि होगी।
जिला आबकारी अधिकारी सुशील कुमार मिश्र ने कहा कि नई आबकारी नीति अनुज्ञापियों को राहत देने वाली है। महीनेवार उठान की व्यवस्था और शुल्क में मामूली बदलाव से अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा।