पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के निलंबित नेता रिजु दत्ता के बयान के बाद राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने पार्टी की कार्यप्रणाली, चुनावी रणनीतिकार संस्था I-PAC और संगठन के भीतर कथित भ्रष्टाचार को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए।
I-PAC की भूमिका पर उठाए सवाल
रिजु दत्ता ने दावा किया कि पार्टी के अंदरूनी मामलों और रणनीति पर I-PAC का अत्यधिक प्रभाव था, जिससे संगठन कमजोर हुआ। उन्होंने कहा कि पार्टी की वास्तविक स्थिति नेतृत्व तक सही तरीके से नहीं पहुंच रही थी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग पार्टी के नाम पर आर्थिक लाभ उठा रहे थे, जबकि संगठन को नुकसान पहुंच रहा था।
नेतृत्व पर भी ठहराई जिम्मेदारी
दत्ता ने कहा कि पार्टी में हुए कथित नुकसान की जिम्मेदारी शीर्ष नेतृत्व को भी लेनी चाहिए। उनके अनुसार, इस स्थिति के लिए ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दोनों को जवाबदेह माना जाना चाहिए।
जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप
TMC नेता ने निचले स्तर के कार्यकर्ताओं पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार और कथित दबाव की वजह से जनता के बीच पार्टी की छवि प्रभावित हुई है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और वरिष्ठ नेतृत्व पर व्यक्तिगत भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगाया जा सकता।
महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर टिप्पणी
रिजु दत्ता ने कहा कि पहले बंगाल में महिलाओं का समर्थन पार्टी को मजबूत आधार देता था, लेकिन अब स्थिति में बदलाव देखा जा रहा है। उनके अनुसार, महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर पार्टी की छवि प्रभावित हुई है।
राजनीतिक हलचल तेज
इन बयानों के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पार्टी के भीतर से इस तरह के आरोप सामने आना TMC के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर सकता है।