तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विकास और राजनीति को लेकर अनोखा दृश्य देखने को मिला, जहां मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच विचारों का आदान-प्रदान चर्चा का विषय बन गया।
रेवंत रेड्डी ने की पीएम मोदी के गुजरात मॉडल की तारीफ
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि जब केंद्र में मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब केंद्र सरकार की सहायता से गुजरात में तेज़ विकास हुआ।
उन्होंने कहा कि उस समय मोदी ने 10 वर्षों में एक प्रभावी विकास मॉडल तैयार किया, जिसे देशभर में “गुजरात मॉडल” के रूप में जाना गया। रेड्डी ने कहा कि आज तेलंगाना की जनता भी प्रधानमंत्री मोदी से वैसी ही विकास अपेक्षाएं रखती है।
#WATCH | Hyderabad, Telangana: Prime Minister Narendra Modi says, "... I would like to tell Revanth Reddy that whatever the Government of India has given to Gujarat in 10 years of rule, I am ready to give to you, but based on my knowledge that as soon as I do that, what you are… https://t.co/t8yEOK08wx pic.twitter.com/hFkOVtyxjM
— ANI (@ANI) May 10, 2026
पीएम मोदी का जवाब: संतुलन और संसाधनों पर दिया बयान
#WATCH | Hyderabad, Telangana: Prime Minister Narendra Modi says, "... I would like to tell Revanth Reddy that whatever the Government of India has given to Gujarat in 10 years of rule, I am ready to give to you, but based on my knowledge that as soon as I do that, what you are… https://t.co/t8yEOK08wx pic.twitter.com/hFkOVtyxjM
— ANI (@ANI) May 10, 2026मुख्यमंत्री की बातों के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में जो समर्थन गुजरात को दिया था, वही स्तर का सहयोग तेलंगाना को देने के लिए सरकार तैयार है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी राज्य को संसाधनों का समान वितरण किया जाए, तो बजट संतुलन के कारण अन्य हिस्सों पर असर पड़ सकता है।
मोदी ने दिया राजनीतिक गठबंधन का संकेत
प्रधानमंत्री मोदी ने हल्के अंदाज में कहा कि तेलंगाना को विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए सहयोग और संतुलित नीति की आवश्यकता है। इसी क्रम में उन्होंने रेवंत रेड्डी को सहयोगात्मक राजनीति की दिशा में आगे बढ़ने का सुझाव देते हुए संकेत दिया कि मिलकर काम करना अधिक प्रभावी हो सकता है।
मंच पर दिखा विकास और राजनीति का अनोखा मेल
कार्यक्रम में दोनों नेताओं के बीच हुए इस संवाद को राजनीतिक हलकों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जहां एक ओर मुख्यमंत्री ने विकास मॉडल की सराहना की, वहीं प्रधानमंत्री ने संसाधनों और नीति संतुलन पर अपना पक्ष रखा।