देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) हो रहे हैं. आज उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में दूसरे चरण की 55 सीटों और उत्तराखंड (Uttarakhand) के साथ-साथ गोवा की सभी विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग होगी. आज होने वाले चुनावों में तीनों राज्यों की कुल 165 सीटों पर 1519 प्रत्याशी मैदान में हैं. जिसमें यूपी की 55 विधानसभा सीटों  के 586 प्रत्‍याशी, उत्तराखंड के 70 सीटों पर 632 प्रत्याशी और गोवा के 40 सीटों पर 301 उम्मीदवार मैदान में हैं. यूपी में आज कुल 2.2 करोड़ वोटर्स अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. वहीं गोवा में 11 लाख मतदाता और उत्तराखंड में 81,43,922  मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.

आज पश्चिम उत्तर प्रदेश  के नौ जिलों बिजनौर, सहारनपुर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर में मतदान होगा. इन सभी जिलों के 55 सीटों में 25 से ज्यादा सीटों पर मुस्लिम वोटर्स निर्णायक भूमिका में हैं. वहीं 20 सीटों पर दलित वोटर्स का प्रभाव 20 फीसदी से ज्यादा है. इन सभी जिलों में सपा-आरएलडी (SP-RLD) की स्थिति मजबूत मानी जा रही है. किसान आंदोलन की वजह से बीजेपी को इन सीटों पर गन्ना किसानों की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है. दूसरे चरण में आज 1.8 करोड़ पुरुष, 0.94 करोड़ महिला और 1269 थर्ड जेंडर वोटर्स वोट डालेंगे.

यूपी में 23,404 मतदान केंद्रों पर मतदान

यूपी में वोटिंग के लिए 23,404 मतदान केंद्र और 12,544 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं. मतदान पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग ने 51 सामान्य ऑब्जर्वर, 9 पुलिस ऑब्जर्वर और 17 अन्य ऑब्जर्वर्स को तैनात किया है. चुनाव आयोग ने राज्य स्तर पर एक सीनियर नॉर्मल ऑब्जर्वर, एक सीनियर पुलिस ऑब्जर्वर और दो सीनियर व्यय ऑब्जर्वर्स को भी तैनात किया है. ये लोग पूरी निर्वाचन प्रक्रिया पर नजर रखेंगे. वहीं वोटिंग ऑब्जर्व करने के लिए हर जिले के 50 फीसदी पोलिंग बूथों पर लाइव वेबटेलिकास्ट की व्यवस्था की गई है.

उत्तराखंड का चुनाव इस बार दिलचस्प

उत्तराखंड के 70 सीटों में से पिछली बार 57 सीटें भाजपा और 11 कांग्रेस के पास थी. वहीं दो सीटों पर निर्दलीय ने कब्जा जमाया था. इस बार माना जा रहा है क‍ि उत्तराखंड व‍िधानसभा चुनाव में मुख्‍य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस  के बीच है. लेक‍िन कई सीटों पर आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और उत्तराखंड क्रांति दल के साथ-साथ न‍िर्दलीय उम्‍मीदवारों की मौजूदगी चुनावी मुकाबले को द‍िलचस्‍प बना सकती है. इस चुनाव को युवा नेतृत्‍व बनाम अनुभवी बुजुर्ग नेतृत्‍व के बीच चुनावी जंग के तौर पर देखा जा रहा है. ज‍िसके तहत चुनाव में एक तरफ बीजेपी के युवा मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर स‍िंंह धामी की राजनीत‍िक प्रत‍िष्‍ठा दांव पर लगी हुई है, तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के वर‍िष्‍ठ नेता हरीश रावत का राजनीत‍िक वजूद दांव पर है.

गोवा में कड़ी टक्कर

गोवा के 40 सीटों में से पिछली बार 17 सीटें कांग्रेस, जबकि 13 सीटें भाजपा ने जीती थी. इसके बावजूद भाजपा ने सरकार बनाई थी. बीजेपी ने महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी और गोवा फारवर्ड पार्टी और तीन निर्दलीय समर्थन से सरकार बनाई थी. लेकिन इस बार के विधानसभा चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है. सत्ताधारी दल बीजेपी को कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों से कड़ी चुनौती मिल रही है. पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर भी अपने पिता की परंपरागत पणजी विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं.