पश्चिम बंगाल सरकार ने स्कूलों और मदरसों को लेकर एक नया निर्देश जारी किया है, जिसके तहत अब राज्य के सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गीत का गायन अनिवार्य कर दिया गया है। यह आदेश अल्पसंख्यक कार्य एवं मदरसा शिक्षा विभाग की ओर से जारी किया गया है।

सरकारी आदेश के अनुसार यह नियम केवल सरकारी ही नहीं, बल्कि राज्य के सभी सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त मदरसों पर भी लागू होगा। यानी अब सभी शैक्षणिक संस्थानों में वंदे मातरम का गायन अनिवार्य रूप से करना होगा।

पहले स्कूलों को भी मिला था ऐसा निर्देश

इससे पहले शिक्षा विभाग की ओर से एक अलग निर्देश जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि सभी स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले सुबह की प्रार्थना सभा में वंदे मातरम का गायन कराया जाए। इसका उद्देश्य सभी छात्रों में राष्ट्रीय गीत के प्रति सम्मान बढ़ाना बताया गया था।

यह कदम केंद्र सरकार के उस निर्देश के बाद सामने आया है, जिसमें वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर इसके व्यापक गायन को प्रोत्साहित करने की बात कही गई थी।

राज्य गीत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं

पहले पश्चिम बंगाल के स्कूलों में सुबह की सभा में राज्य गीत ‘बांग्लार माटी, बांग्लार जल’ भी गाया जाता था, लेकिन नए आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इसे अब जारी रखा जाएगा या नहीं। इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

स्कूलों ने जताई व्यावहारिक दिक्कतें

कुछ स्कूल प्रमुखों ने इस निर्देश को लेकर व्यावहारिक समस्याएं भी बताई हैं। उनका कहना है कि पहले ही राष्ट्रगान अनिवार्य है, ऐसे में वंदे मातरम और राज्य गीत को शामिल करने से सुबह की सभा का समय बढ़ जाएगा और कक्षाएं देर से शुरू होंगी।

शिक्षा विभाग का स्पष्टीकरण

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नया आदेश केवल वंदे मातरम के गायन से संबंधित है। राज्य गीत को लेकर फिलहाल कोई नया निर्देश जारी नहीं किया गया है।

वहीं, कई स्कूलों ने इस आदेश को लागू करना शुरू भी कर दिया है। जादवपुर विद्यापीठ के प्रधानाध्यापक पार्थ प्रतिम बैद्य के अनुसार, पिछले सप्ताह से स्कूल में राष्ट्रगान से पहले वंदे मातरम का गायन शुरू कर दिया गया है।