नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया की छह दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुए। इस दौरे के दौरान वे फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं करेंगे।
इस यात्रा को भारत की वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, जिसमें प्रौद्योगिकी, रक्षा, ऊर्जा और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों पर विशेष चर्चा होने की संभावना है।
फ्रांस और अमेरिका के नेताओं से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे और भविष्य की सहयोग योजनाओं पर चर्चा करेंगे।
व्हाइट हाउस की ओर से यह भी पुष्टि की गई है कि प्रधानमंत्री मोदी की संभावित मुलाकात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी हो सकती है। हालांकि इस बैठक का अंतिम कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है।
रवानगी से पहले जारी बयान में पीएम मोदी ने कहा कि फ्रांस भारत की रणनीतिक प्राथमिकताओं में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने बताया कि हाल की मैक्रों यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को “स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” तक विस्तार दिया था।
इनोवेशन और टेक्नोलॉजी पर फोकस
यात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी नाइस में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ “भारत इनोवेट्स” कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन करेंगे। यह पहल भारत-फ्रांस इनोवेशन सहयोग वर्ष के तहत आयोजित की जा रही है।
इस दौरान भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम, डीप टेक, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा, अंतरिक्ष और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय के अनुसार यह कार्यक्रम दोनों देशों के तकनीकी सहयोग को नई दिशा देगा।
स्लोवाकिया की ऐतिहासिक यात्रा
फ्रांस के बाद प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया का दौरा करेंगे। 1993 में चेक गणराज्य से अलग होने के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा होगी।
ब्रातिस्लावा में वे राष्ट्रपति पीटर पेल्लेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा भारतीय और स्लोवाक व्यापार जगत के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठकें प्रस्तावित हैं।
जी-7 सम्मेलन में भारत की भागीदारी
16 और 17 जून को प्रधानमंत्री मोदी इवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह लगातार आठवीं बार है जब भारत को इस मंच पर आमंत्रित किया गया है।
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री कई वैश्विक नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकातें भी करेंगे। भारत और अमेरिका के बीच संभावित मोदी-ट्रंप मुलाकात को लेकर भी चर्चा बनी हुई है।
पेरिस में अंतिम कार्यक्रम
दौरे के अंतिम चरण में 18 जून को प्रधानमंत्री पेरिस पहुंचेंगे, जहां वे राष्ट्रपति मैक्रों के साथ “विवाटेक 2026” टेक्नोलॉजी सम्मेलन में भाग लेंगे।
यह यूरोप का प्रमुख स्टार्टअप और इनोवेशन इवेंट है, जिसमें इस बार भारत सबसे बड़े राष्ट्रीय पवेलियन के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा।