भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी विशेष संसद सत्र को लेकर अपने सांसदों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। पार्टी ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्यों के लिए तीन-लाइन व्हिप जारी करते हुए 16 से 18 अप्रैल तक सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहा है।
पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस अवधि के दौरान किसी भी सांसद या केंद्रीय मंत्री को अवकाश नहीं दिया जाएगा। सभी सदस्यों को संसद की कार्यवाही में लगातार सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह विशेष सत्र महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए बुलाया गया है, जिसे लेकर सरकार व्यापक बहस और आगे की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाना चाहती है।
भाजपा का तीन-लाइन व्हिप जारी
भाजपा द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि 16 से 18 अप्रैल 2026 तक सभी सांसद सदन में उपस्थित रहें। इसमें स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि उपस्थिति अनिवार्य है और किसी भी प्रकार का अवकाश स्वीकार नहीं किया जाएगा। सांसदों से व्हिप का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
विशेष सत्र को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ गई है। विपक्षी दलों ने सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है और परिसीमन जैसे मुद्दों पर स्पष्टता देने को कहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन से जुड़े संवैधानिक संशोधनों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष सत्र बिना विपक्ष को विश्वास में लिए बुलाया गया है और कई अहम मुद्दों पर स्पष्टता की कमी है।